बिहार में जद(यू) व राजद के सहारे भाजपा

अफ़रोज़ आलम साहिल, TwoCircles.net

पटना: यह भाजपा का ओवर कांफिडेंस है या पार्टी बुरी तरह से डरी हुई है. जिस रफ़्तार से दूसरी पार्टियों के विधायकों व नेताओं को भाजपा अपने पाले में खींच रही है, उससे ये घबराहट साफ़ दिखाई देती है कि पार्टी को अपने नेताओं से दूसरे पार्टी के बागी व दाग़ी नेताओं पर भरोसा है.


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हैरान कर देने वाली बात है कि ये विधायक या नेता उन्हीं पार्टियों से हैं, जिन पार्टियों के करप्शन और विकास-विरोधी गतिविधियों को पीएम मोदी अपने मंचों से जी भरकर कोसते हैं लेकिन सचाई यह है कि जितनी तेज़ी से पीएम मोदी इन पार्टियों पर प्रहार कर रहे हैं, उतनी ही तेज़ी से इन पार्टियों के कथित दाग़ी विधायक भाजपा का हिस्सा बन रहे हैं.

अभी दो दिन पूर्व ही जद(यू) के चार बाग़ी विधायक (ज्ञानू, राजेश्वर राज, दिनेश कुशवाहा और सुरेश चंचल) अपनी पार्टी का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके हैं. वहीं एक और विधायक व पूर्व मंत्री गौतम सिंह रालोसपा में शामिल हो गए.

इससे पहले जदयू विधायक राजीव रंजन भी अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं. इतना ही नहीं, जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद साबिर अली को भी पार्टी में शामिल किया जा चुका है. जबकि पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नक़वी शामिल किए जाने का विरोध कर चुके थे.

जद(यू) के कई अन्य नेता भी तेज़ी के साथ भाजपा का दामन थामते नज़र आ रहे हैं. रोहतास के चर्चित जदयू नेता अरविंद सिंह, कामेंद्र सिंह, जगदीश सिंह समेत दर्जनों नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं. सीवान स्थानीय निकाय क्षेत्र से विधान पार्षद मनोज सिंह भी बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ अब बीजेपी में हैं.

तिरहुत स्नातक क्षेत्र के निर्वाचित एमएलसी देवेश चन्द्र ठाकुर अपने तमाम समर्थकों के साथ अब भाजपा के साथ हैं. अति-पिछड़ा प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष और बेतिया नगर परिषद की अध्यक्ष रेणु देवी अपने समर्थकों के साथ जद(यू) को छोड़ भाजपा का दामन थाम चुकी हैं.

सिर्फ जद(यू) ही नहीं, राजद के कई दिग्गज नेता बिहार में अब भाजपा के साथ हैं. ज़िला स्तर पर कई राजद नेताओं को धड़ल्ले से पार्टी में शामिल किया गया है. वहीं लालू प्रसाद यादव के हनुमान कहे जाने वाले राम कृपाल यादव में शामिल होकर अब मंत्री हैं. तो वहीं राजद से पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से छह साल के लिए निष्कासित लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अब खुद की नई पार्टी ‘जन क्रांति अधिकार मोर्चा’ बनाकर भाजपा के गठबंधन में शामिल हो चुके हैं.

जीतन राम मांझी ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा’ बनाकर यह ऐलान करते फिर रहे हैं कि अगला सीएम दलित होगा तो वहीं उपेन्द्र कुशवाहा भी भाजपा गठबंधन से सीएम बनने का ख्वाब पूरी दुनिया को बता चुके हैं. उनकी नई पार्टी ‘राष्ट्रीय लोक समता पार्टी’ भी भाजपा के गठबंधन में शामिल है.

भाजपा में तेज़ी से बढ़ते जदयू-राजद के दागी व बागी नेता के सवाल पर राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता क़ारी मुहम्मद शोएब TwoCircles.net से खास बातचीत में बताते हैं कि, ‘भाजपा जिस रास्ते पर चल रही है, उस रास्ते का मूलमंत्र सत्ता के ख़ातिर कुछ भी कर गुज़रने का है. पार्टी के कथित सिद्धांतों और आदर्शों का ‘दोगलापन’ रोज़ ही सामने आ रहा है. यह सिलसिला इस तथ्य की गवाही देता है कि पार्टी अपनी जीत को लेकर किस क़दर असुरक्षा में है.’

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