बनारस में अनिश्चित कांग्रेस चलेगी धर्म की राह पर

सिद्धांत मोहन, TwoCircles.net

वाराणसी : सालों तक धर्म की राजनीति से दूर रहने वाली कांग्रेस पार्टी इस विधानसभा चुनाव में धर्म और गंगा के मुद्दे को भी आपने एजेंडे में शामिल करने के प्रयास में है. बनारस में आगामी दो अगस्त को होने वाले कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के रोड शो के बाबत कल प्रदेश कांग्रेस कमेटी और वाराणसी कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेस की.


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चूंकि इस प्रेस कांफ्रेंस को आयोजित करने का मूल मक़सद सोनिया गांधी के रोड शो को चिन्हित करना था, लेकिन फिर भी परदे के पीछे की कहानी किसी और ही मकसद की बात कर रही थी. मूलतः इस प्रेस कांफ्रेंस का मक़सद कई सालों से बनारस की जिला कांग्रेस कमेटी में चले आ रहे संघर्षों को दूरकर आपसी एकता का प्रदर्शन करना था.

कांग्रेस की इस कांफ्रेंस में मूलरूप से पिंडरा से विधायक अजय राय, बनारस के पूर्व सांसद और वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा और यूपी में कांग्रेस के समन्वयन का बोझ उठाए और पं. कमलापति त्रिपाठी के पौत्र राजेशपति त्रिपाठी शामिल थे.


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सोनिया गांधी के प्रस्तावित रोड शो के बारे में जानकारी देते हुए राजेश मिश्रा ने कहा, ‘सोनिया गांधी नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद से पहली बार बनारस आ रही हैं. वे काशी का हाल जानने आ रही हैं.’

ज्ञात हो कि अभी सावन का महीना चल रहा है और इस दौरान बनारस का माहौल बेहद धार्मिक होता है. कांवरियों की भीड़ से बनारस भरा रहता है. गंगा घाट भी अटे पड़े रहते हैं. इसी सावन माह में सोनिया गांधी का यह रोड-शो प्रस्तावित है.

राजेशपति त्रिपाठी ने कहा, ‘सोनिया गांधी सावन के पावन महीने में बनारस आ रही हैं. हम कोशिश करेंगे कि कांवरियों को और दर्शनार्थियों को कोई परेशानी न हो.’

सोनिया गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम में गंगा पूजन, गंगा आरती और नगर के विभिन्न धर्मावलम्बियों से मुलाक़ात जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं. इसके पहले हुई कांग्रेस की जनसभाओं और रैलियों में गंगा और धर्म का नाम नदारद रहा लेकिन कांग्रेस इस बार इस मसले पर जोर दे रही है. खासकर बनारस में.

इस बारे में पूछने पर तीनों प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि गंगा काशीवासियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के एक बड़े जनसमूह के माँ समान है और श्रद्धा का विषय है. ऐसा नहीं है कि मोदी के आगमन के बाद हम गंगा पर जोर दे रहे हैं, कांग्रेस के शासनकाल में ही गंगा एक्शन प्लान शुरू किया गया. मसला बस यह है कि हमने मोदी जी की तरह यह गान नहीं किया कि हमें माँ गंगा ने बुलाया है.

धर्मावलम्बियों से मुलाक़ात के विषय में राजेशपति त्रिपाठी ने कहा कि यह एक अनौपचारिक मुलाक़ात होगी, इससे कोई समीकरण बनाने की कोशिश के रूप में न देखा जाए.

फिर भी इसके साथ वक्ताओं ने कहा कि आज लखनऊ में होने वाले पार्टी के कार्यक्रम के बाद ही सोनिया गांधी का सही कार्यक्रम घोषित किया जाएगा.

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