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कोटा में मदरसा तोड़ने के खिलाफ़ एसडीपीआई ने दिया धरना, प्रशासन को दी चेतावनी

TCN News

कोटा (राजस्थान): पिछले दिनों राजस्थान के कोटा जिले के कैलाशपुरी में एक ओवरब्रिज के निकट बने एक मदरसे और उससे सटी मस्जिद के कुछ हिस्से को नगर विकास न्यास (यूआईटी) द्वारा तोड़कर गिरा दिया गया था. इस मामले के सामने आने के सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इण्डिया (एसडीपीआई) नामक राजनीतिक पार्टी की जिला ईकाई द्वारा एक-दिवसीय धरना आज कोटा कलेक्ट्रेट पर दिया गया.


Kota Protest

इस धरने पर बैठे एसडीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी की मांग है कि इस पूरे प्रकरण में जो घोर अनियमितताएं बरती गई हैं, उसके लिए यूआईटी के सचिव मोहनलाल यादव जिम्मेदार हैं. एसडीपीआई ने मांग की है कि उक्त सचिव पर धार्मिक स्थल तोड़ने, पवित्र कुरान शरीफ़ का अपमान करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और उसके बाद पैदा हुई अशांति को भड़काने के मुक़दमे दर्ज कर तुरन्त गिरफ्तार किया जाए.

साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि घटनास्थल पर अपनी आस्था के मद्देनज़र क्षतिग्रस्त हुई मस्जिद को देखने पहुंचे कई बेक़सूर लोगों पर पुलिस ने अनुमान से मुक़दमे दर्ज किये गए हैं. उन सभी बेक़सूर लोगों के नाम मुक़दमे से हटाए जाएं और निर्दोष लोगों की पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारी को तुरंत बन्द किया जाए.

मोहम्मद शफी का आरोप है कि यूआईटी सचिव की मंशा पूरी तरह से नकारात्मक थी. उन्होंने इस मस्जिद को तोड़ते वक़्त ज़रा भी गंभीरता नहीं बरती. यहां तक कि धार्मिक स्थल की गरिमा का भी ध्यान नहीं रखा गया. जान-बूझकर कुरआन का अपमान किया गया. इन सबके बाद जितनी भी अशांति हुई, उसके लिए यूआईटी प्रशासन और सचिव ही जिम्मेदार हैं.

वहीं एसडीपीआई के ज़िलाध्यक्ष जफ़र चिश्ती का कहना है, ‘इस घटना में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों मुक़दमा दर्ज कर तुरन्त गिरफ्तार किया जाए. इसके साथ ही मस्जिद के क्षतिग्रस्त हिस्से का दुबारा निर्माण करवाया जाए. यदि ऐसा नहीं किया गया तो हम अपने इस आन्दोलन का रूप बढ़ाकर अनिश्चितकालीन धरना देना शुरू करेंगे.


Kota Protest

इस अवसर पर आईजी पुलिस विशाल बंसल को यूआईटी सचिव पर कार्रवाई करने के लिए राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया. इसके अलावा एक प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम-सिटी सुनीता डागा से मुलाक़ात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा.

इस प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद शफी, अशफ़ाक़ हुसैन, जफ़र चिश्ती, नावेद अख्तर, स्थानीय कांग्रेसी पार्षद मोहम्मद हुसैन, सिद्दीक़ हुसैन, मौलाना समी साहब और अज़हरूद्दीन एम.आर. तथा पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इण्डिया के जिलाध्यक्ष शोएब अहमद शामिल थे.

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