योगी सरकार में अब मुसलमान अफ़सर किए जा रहे हैं किनारे!

आस मोहम्मद कैफ़, TwoCircles.net

सहारनपुर : उत्तर प्रदेश में अब योगी सरकार मुस्लिम अफ़सरों को ठिकाने लगाने पर जुट गई है. यहां मुस्लिम अफ़सरों की संख्या वैसे ही बहुत कम है, जिनमें से आधे से ज्यादा अब महत्वहीन पदों पर भेजकर किनारे कर दिये गए हैं. जबकि ये सभी नौकरशाही में ताक़तवर कहे जाने वाले आईएएस और आईपीएस अफ़सर हैं.

सबसे पहले कानपुर के डिविज़नल कमिश्नर मोहम्मद इफ़्तिखारूद्दीन को हटाया गया. कानपुर एकमात्र ऐसी जगह है, जहां मंडल पर दोनों बड़े अफ़सर मुसलमान थे. जैसे कमिश्नर मोहम्मद इफ़्तिखारूद्दीन के अलावा वहां के आईजी भी ज़की अहमद हैं. ज़की अहमद उत्तर प्रदेश में एकमात्र मुस्लिम अफ़सर हैं, जो किसी ज़ोन में बतौर आईजी तैनात हैं. इससे पहले मोहम्मद इफ़्तिखारूद्दीन भी प्रदेश में एकमात्र कमिश्नर थे, जिन्हें अब हटा दिया गया. हालांकि ज़की अहमद अभी भी अपने पद पर बरक़रार हैं.

सहारनपुर के डीएम शफ़क़त कमाल को भी हटा दिया गया है. सहारनपुर में सड़क दुधली गांव में साम्प्रदायिक तनाव के बाद भाजपा के लोगों ने उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया था. हालांकि यहां के सांसद का टकराव एसएसपी के साथ था, मगर बलि का बकरा डीएम भी बनें. इन्हें अब ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है. 

एक और चर्चित नाम वाले आईपीएस अब्दुल हमीद को रायबरेली के पुलिस अधीक्षक के पद से हटा दिया गया. अब्दुल हमीद मुज़फ़्फ़रनगर दंगे के समय शामली पुलिस कप्तान थे और उन्होंने यहां दंगे की कई साज़िश नाकाम की थी. उनके ख़िलाफ़ भाजपा सांसद हुकुम सिंह और विद्यायक सुरेश राणा लगातार प्रदर्शन करते रहे थे. बाद में वो बाराबंकी पुलिस कप्तान बने, जहां उनका टकराव भाजपा की एक और सांसद प्रियंका रावत से हो गया. यहां से उनको झांसी कप्तान बनाकर भेजा गया, जहां वो सपा के एक विधायक दीपनारायण यादव की आंख में चुभ गए, इसलिए यहां से भी उनका ट्रांसफर कर दिया गया.  रायबरेली में उनकी नियुक्ति चुनाव आयोग ने की थी. वो भाजपा की आंख में पहले से खटक रहे थे. अब उनको हटाकर कहीं तैनात नहीं किया गया है. 

एक आईएएस और डीएम मुरादाबाद जुहैर बिन सगीर की भी छुट्टी हो गयी है. वो पंचम तल पर अखिलेश यादव के साथ रहने वाले एकमात्र मुस्लिम अफ़सर थे. बाद में उन्हें हटा दिया गया था. इसे लेकर कांग्रेस के एक पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे. सचिवालय के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था, जब पंचम तल पर कोई मुसलमान अफ़सर नहीं था. स्पष्ट रहे कि पंचम तल मुख्यमंत्री कार्यालय को कहा जाता है. जुहैर बिन सगीर ने डीएम मुरादाबाद के तौर पर अच्छा काम किया, जहां उनकी खूब सराहना हुई. मगर नए निज़ाम में वो फिट नहीं रहे.

इससे पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद को भी हटाया जा चुका है. अब उनकी जगह सुलखान सिंह नए डीजीपी हैं. कानपुर के कमिश्नर मोहम्मद इफ़्तिखारूद्दीन की जगह पीके मोहंती, रायबरेली के पुलिस कप्तान अब्दुल हमीद की जगह गौरव सिंह और सहारनपुर के डीएम शफ़क़क कमाल की जगह नागेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति की गयी है.

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