शिक्षा में नाम रौशन किया अम्मारा समन ने

फहमिना हुसैन, TwoCircles.net

जूना(महाराष्ट्र): ‘अंग्रेज़ी की एक प्रेरक कहावत है- ‘स्ट्रगल एंड शाइन.’ यह वाक्य हमें बड़ी शक्ति देता है, जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. ये ऐसा वाक्य जिसके मायने समझें तो हर मेनहत सफल होती है.

ये शब्द हैं अकोला, महाराष्ट्र के श्री शिवाजी महाविद्यालय की स्टूडेंट अम्मारा समन का जो अपनी मेहनत और लगन से आठ पदक हांसिल करने में कामयाब रही हैं. २३ फ़रवरी २०१७ को संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में सम्पन हुए पदवीदान समारोह में महाराष्ट्र और तमिलनाडु केराज्यपाल डॉ विद्यासागर राव, नालन्दा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विजय भटकर, अमरावती विद्या पीठ के कुलगुरु डॉ मुरलीधर चांदेकर के हाथों तीन स्वर्ण, तीन रौप्य तमगो के साथ दो नगद राशि के इनाम दे कर अम्मारा समन को सम्मानित किया गया.

23 वर्षीय अम्मारा को यह सम्मान एमएससी में फिजिक्स और मैथ में अपने विश्वविद्यालय में टॉप करने पर दिया गया है.

जूना शहर की रहने वाली अम्मारा बताती हैं कि उनकी दसवीं तक की पढाई उर्दू माध्यम से हुई है. आगे की पढाई उन्होंने इंग्लिश और साइंस सेकी. वो बताती हैं कि मुस्लिम समाज में लड़कियों को आगे पढ़ने में मुश्किलें आती हैं लेकिन वो इस मामले में खुद को खुदकिस्मत समझती हैं जिन्हेंअपने परिवार की तरफ में पढाई में बहुत सपोर्ट मिला.

खाली समय में अम्मारा को उर्दू और इस्लामिक किताबें पढना बहुत पसंद है. अम्मारा अपने परिवार का ज़िक्र करते हुए बताती हैं कि वो एकमध्यवर्गी परिवार से ताल्लुक रखती हैं/ उनके अब्बू हज एंड टूर में जॉब करते हैं और उनकी अम्मी एक गृहणी हैं.

आगे की पढाई का ज़िक्र करते हुए बताती हैं कि वो इस बार नेट की तैयारी में जुटी है और वो यहां भी वो टॉप करने का इरादा रखती हैं.

अम्मारा को जहां एक तरफ अपनी मेहनत पर यकीन है, वहीँ दूसरी तरह वे खुद पर भी उतना ही यकीन रखती हैं. आगे अपनी बातचीत में वोकहती हैं कि जो लोग ठान लेते हैं, वो एक न एक दिन सफलता जरूर प्राप्त कर लेते हैं. सफलता प्राप्त करने के बाद इंसान उस दुनिया में पहुंच जाता है, जिस दुनिया के वो अक्सर ख्वाब देखा करता था.

SUPPORT TWOCIRCLESHELP SUPPORT INDEPENDENT AND NON-PROFIT MEDIA. DONATE HERE
SHARE