जमीअत ने उठाई अमेठी कांड की सीबीआई जांच की मांग

 

आस मोहम्मद कैफ़, TwoCircles.net

अमेठी: अमेठी में एक परिवार के 11 सदस्यों की रहस्यमयी मौत को लेकर हर तरफ दहशत फैली हुई है, अमेठी में लोग कुछ भी बोलने के लिए तैयार नही हैं,  वहां एक गहरी चुप्पी है.

जमीअत उलेमा-ए-हिन्द ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है. जमीअत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने अमेठी उत्तर प्रदेश के एक गांव महूना में एक ही परिवार के सदस्यों के सामूहिक हत्या की घटना को  दुखद बताया है. मौलाना मदनी ने कहा कि एक साल पहले महाराष्ट्र के ठाणे में और अब यूपी में इस तरह की  दुर्घटनाओं ने समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर दिया है और हमारे सामाजिक दायित्वों को याद  दिलाया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मौलाना मदनी ने जोर दिया कि हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा, तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आने की जरूरत है.

महूना में हुई घटना की समीक्षा के लिए मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर जमीअत उलेमा-ए-सुल्तानपुर का प्रतिनिधिमंडल  6 जनवरी 2017 को घटनास्थल पर पहुंचा. मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी सचिव जमीअत उलमा-ए-हिन्द  ने फोन करके प्रतिनिधिमंडल से अपनी बातचीत में ताकीद की कि घटना को आत्महत्या  समझकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह घटना समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी दिलाती है. इसलिए इसी भावना के तहत यह प्रतिनिधिमंडल अमेठी के लिए रवाना हुआ.

प्रतिनिधिमंडल  का  नेतृत्व  जमीअत जिलाध्यक्ष मौलाना मतहरुल इस्लाम  कासमी ने की, प्रतिनिधिमंडल में सुल्तानपुर जमीअत के सचिव मौलाना अब्दुल्ला कासमी, पत्रकार आदिल सिद्दीकी और हाजी रमजान शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने मृतक जमालुद्दीन के घर जाकर भी समीक्षा की, जहां जमालुद्दीन सहित घर की दस महिलाओं की हत्या हुई है. प्रतिनिधिमंडल ने थानेदार से मुलाकात की. पुलिस के बयान के अनुसार जमालुद्दीन गरीबी से तंग था, उसने पूरी तैयारी करके घर की महिलाओं को एक दवा पीने के लिए कहा और तर्क यह दिया कि उसे पीने से डायबिटीज़ आदि नहीं होगी.  दो छोटे लड़कों को  दवा नहीं पिलाई और कहा कि यह केवल महिलाओं के लिए है.

जमालुद्दीन ने अपनी पत्नी, चार बेटियों, भाई की विधवा, उसकी तीन बेटियों और एक भाई जो गुम हो गया है, उसकी पत्नी, दो बेटियों समेत  बारह महिलाओं को दवा अपने हाथों से पिलाई.  बेहोश होने  के बाद उसने सभी की धारदार हथियार से हत्या कर दी. स़िर्फ जमालुद्दीन की पत्नी और उसकी शादीशुदा लड़की की हत्या से बच गई (क्योंकि वह रूम लॉक करके सोई थी) जिन्होंने होश में आने के बाद देखा कि जमालुद्दीन का शव छत से लटका हुआ है. पुलिस के अनुसार यह बयान जमालुद्दीन की पच्चीस साल की लड़की ने दिया है.

मोहल्ले में शोर होने के बाद गांववाले पुलिस और मीडिया के लोग पहुंचे और  यह बात फैल गयी कि जमालुद्दीन ने अपने घर की दस महिलाओं की हत्या कर दी है. पुलिस का यह भी कहना है कि इस समय एक चैनल ने यह खबर चलानी शुरू कर दी कि जमालुद्दीन ने शराब के नशे में अपने घर की महिलाओं की  हत्या कर दी है, इस खबर पर जनता उग्र हो गई और उसने टीवी चैनल के प्रतिनिधि की गाड़ी  को आग लगा दी, जिस पर पुलिस मूकदर्शक बनी रही.

प्रतिनिधिमंडल ने समीक्षा के बाद कुछ सवालों  को ध्यान देने योग्य बताया है:

(1) सवाल यह उठता है कि जमालुद्दीन ने अकेले दस लोगों की हत्या कैसे की, वारदात से चार छुरे बरामद हुए हैं, एक आदमी चार छुरे क्यों इस्तेमाल करेगा

(2) जमालुद्दीन का शव फंदे से लटका हुआ था उसकी स्थिति यह नहीं बताती है कि इस व्यक्ति ने फांसी लगाई है.

(3) पड़ोसी का कहना है कि उस दिन देर रात एक कार जमालुद्दीन के घर आई थी और घर में रखा जनरेटर भी चलाया गया था जबकि बिजली मौजूद थी, तो क्या शोरगुल को दबाने के लिए जनरेटर चलाया गया था? या कोई और उद्देश्य था?

(4) जमालुद्दीन के घर से सात पन्नों का लेटर बरामद हुआ है, जिसको फिलहाल पुलिस छिपा रही है. रिपोर्टों के अनुसार इन पृष्ठों में जमालुद्दीन ने लिखा है कि मेरी जान को खतरा है और अपने करीबी रिश्तेदारों को संबोधित किया है कि मेरे बच्चों का ख्याल रखना.

इन सवालों और अन्य के तहत जमीअत हत्या की घटना में जमालुद्दीन और उसके परिवार के प्रति साजिश की संभावना को खारिज नहीं करती है, इसलिए जमीअत की सरकार से मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए तभी जाकर इस हत्या का रहस्य सुलझ सकता है. जमीअत  न केवल इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से आकृदा है, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और उन्हें हर तरह से सहयोग देने को तैयार है.

 

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