असम : ‘फिसड्डी’ नज़र आ रहे हैं ‘सांसद निधि’ खर्च करने में बीजेपी-कांग्रेस सांसद!

Afroz Alam Sahil, TwoCircles.net

असम का ‘चुनावी संग्राम’ आरंभ हो चुका है. तमाम पार्टियां असमियों को असम के विकास के लोकलुभावन सपने दिखा रहे हैं. केन्द्र की सत्ता पर क़ाबिज़ बीजेपी बांग्लारदेशी घुसपैठियों की समस्याी वाले मुद्दे को छोड़ अब विकास को ही मुख्य मुद्दा बनाने का फैसला कर लिया है. बीजेपी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को ही कहा है कि –‘विधानसभा चुनाव के बाद असम राज्य अल्प-विकसित नहीं रहेगा.’


Support TwoCircles

लेकिन इन सबके बीच हक़ीक़त यही है कि यहां के नेताओं ने कभी भी असम के विकास पर खास तवज्जो नहीं दिया. विधायकों की बात यदि छोड़ दिया जाए तो यहां के सांसदों ने भी चुनावी साल होने के बावजूद यहां के विकास पर कभी कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया. खासतौर पर वो सांसद जो विकास के वादे के साथ ही सत्ता में आए थे.

एमपी लैड्स फंड की वेबसाइट पर मौजूद सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि असम के दो-तीन सांसदों को छोड़कर कोई भी सांसद ऐसा नहीं है, जिसने अपने लोकसभा क्षेत्र में ‘सांसद निधि’ का पूरा पैसा खर्च किया हो. यानी असम के ज़्यादातर सांसद पिछले दो वर्षों के दौरान अपने कोटे से 50 फीसदी धनराशि भी कल्याण कार्यों पर खर्च नहीं कर पाए हैं.

स्पष्ट रहे कि 14 लोकसभा सीटों वाले इस असम में 2014 लोकसभा चुनाव में 7 सीटों पर बीजेपी ने बाज़ी मारी थी. तीन सीटें कांग्रेस और तीन सीटें यहां के एयूडीएफ़ के झोली में गिरे थे. वहीं एक सीट पर निर्दलीय सांसद का क़ब्ज़ा है.

हम यहां यह भी बताते चलें कि लोकसभा नियमानुसार सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए हर वर्ष 5 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाती है. सांसद इसे अपनी इच्छा के अनुसार अनुदान के रूप में दे सकता है.

MP LADS FUNDS DETAILS

एमपी लैड्स फंड की वेबसाइट पर मौजूद सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ असम के 14 सांसदों में कोकराझार के निर्दलीय सांसद नबा कुमार सारानिया (हीरा) ने अपने कुल अनुदान का सबसे अधिक 66.28 फ़ीसदी हिस्सा खर्च किया है.

दूसरे नंबर पर लखीमपुर के बीजेपी सांसद व केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल है, जिन्हें बीजेपी ने इस बार बतौर मुख्यमंत्री प्रत्याशी पेश कर रही है. इन्होंने दो वर्षों के दौरान अपने सांसद निधी का 58.59 फ़ीसदी हिस्सा खर्च किया है.

विकास कार्यो पर खर्च करने के मामले में तीसरे नंबर पर अजमल की पार्टी एयूडीएफ़ के करीमगंज सांसद राधेश्याम विश्वास हैं. चौथे व पांचवें नम्बर पर क्रमशः एयूडीएफ़ के बरपेटा सांसद सिराजुद्दीन अजमल व कांग्रेस के सांसद विरेन सिंह हैं.

कालियाबोर व गुवाहटी सांसद सबसे पीछे

सांसद निधि खर्च करने के मामले में कालियाबोर के कांग्रेसी सांसद गौरव गोगई तथा गुवाहटी के बीजेपी सांसद बिजोय चक्रवर्ती सबसे पीछे हैं. एमपी लैड्स फंड्स की वेबसाईट पर मौजूद जानकारी के अनुसार गौरव गोगई इन दो वर्षों के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र कालियाबोर में अपने कुल फंड का महज़ 26.47 फ़ीसदी हिस्सा तथा बिजोय चक्रवर्ती अपने संसदीय क्षेत्र गुवाहटी में 26.73 फ़ीसद हिस्सा ही खर्च कर पाए हैं.

सांसद निधी कम खर्च करने के मामले में तीसरे नंबर पर डिब्रुगढ़ के बीजेपी सांसद रामेश्वर तेली का नाम है.

SUPPORT TWOCIRCLES HELP SUPPORT INDEPENDENT AND NON-PROFIT MEDIA. DONATE HERE