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‘अफ़सोस कि जब मुसलमानों पर हमला होता है तो मुस्लिम देश चुप्पी साधे रखते हैं’ —सांसद अली अनवर

‘अफ़सोस कि जब मुसलमानों पर हमला होता है तो मुस्लिम देश चुप्पी साधे रखते हैं’ —सांसद अली अनवर

TwoCircles.net News Desk

जयपुर : “कुछ लोग नहीं चाहते कि मुसलमान और दलित देश के विकास में भागीदार बनें, इसीलिए उन्हें ख़ौफ़ज़दा करके रखना चाहते हैं. ये वही लोग हैं जिनका देश की आज़ादी में कोई योगदान नहीं है, इसीलिए जब हम आज़ादी की बात करते हैं तो उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं.”

ये बातें आज जेनएयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मोहित पांडे ने एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) तथा प्रदेश के अन्य मानवाधिकार, सामाजिक एवं छात्र संगठनों की ओर से जयपुर के मुस्लिम मुसाफ़िर ख़ाने में आयोजित सद्भाव सभा को सम्बोधित करते रखीं.

उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई सभी लोगों ने मिलकर लड़ी हैं. अब सब मिलकर इसकी रक्षा भी करेंगे. वे कहते हैं कि या तो हमारे साथ आ जाओ या डर कर रहो या मार दिये जाओगे. परन्तु हम बता देना चाहते हैं कि न हम डरेंगे न मरेंगे. उनकी नफ़रत के जवाब में हमारा संदेश भाईचारा है.

इस सभा को संबोधित करते हुए जदयू सांसद अली अनवर ने कहा कि नफ़रतें इतनी बढ़ गई हैं कि आज धर्मनिरपेक्ष लोग भी बेचारे हो गए हैं. उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है कि कैसे देश के लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता को बचाएं. उन्होंने इस बात पर अफ़सोस जताया कि जब मुसलमानों पर हमला होता है तो मुस्लिम देश चुप्पी साधे रखते हैं.

जेएनयू के शोध-छात्र उमर ख़ालिद ने कहा कि, आज वे मज़े ले रहे हैं कि विपक्ष नहीं रहा. ऐसे में अब जनता को स्वयं ही विपक्ष की भूमिका निभानी होगी.

उन्होंने कहा कि, गोरक्षा के नाम पर निर्दोषों की हत्या करने वाले गोरक्षक नहीं आतंकवादी हैं.

उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर लड़ेंगे और अन्याय एवं अत्याचार को समाप्त करके रहेंगे.

समाजशास्त्र की प्रोफ़ेसर डा. बनोज्योत्सना ने कहा कि, हमें इन्सानियत को बचाना है. नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुट होना ही हमारी ताक़त है.

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता नदीम ख़ान ने कहा कि, यह देश हमारा है और इसकी सभी समस्याएं भी हमारी हैं. अब तक 22 हज़ार सफ़ाई कर्मी नालों और गटरों की सफ़ाई करते हुए अपनी जान दे चुके हैं. वे हमारे ही भाई थे.

मेव नेता एडवोकेट रमज़ान चौधरी ने कहा कि, नफ़रतों का मुक़ाबला सुनियोजित रूप से करना होगा. वहीं दलित नेता डा. रतनलाल ने कहा कि नेताओं की सोशल आॅडिटिंग करनी होगी.

इस अवसर पर फोरम फॉर डेमोक्रेसी एण्ड कम्यूनल एमिटी के प्रदेशाध्यक्ष सवाई सिंह, शिया विद्वान मौलाना नाज़िश अकबर, मज़दूर नेता बसंत हरियाणा, एनएफआईडब्ल्यू की श्रीमती निशा सिद्धू ने भी सभा को सम्बोधित किया.