News

‘संविधान का अपमान ही देश का अपमान है’

‘संविधान का अपमान ही देश का अपमान है’

TwoCircles.net News Desk

सीतापुर : ‘संविधान का आदर ही देश का आदर है. लेकिन कुछ दूषित मानसिकता वाले लोग अपने स्वार्थ के चलते क़ानून को अपने हाथों में लेते हैं, जो कि संविधान का अपमान है और संविधान का अपमान ही देश का अपमान है.’

ये बातें आज 28 जनवरी को दलित मुद्दों पर काम करने वाली लक्ष्य संस्था द्वारा आयोजित सीतापुर में बहुजन जनजागरण अभियान के तहत एक कैडर कैम्प में लक्ष्य कमांडर रेखा आर्या ने कही.

इस कैम्प का आयोजन उत्तर प्रदेश के ज़िला सीतापुर के गावं सरैया चलंकापुर में किया गया था, जिसमे गावं के लोगों ने विशेष तौर से महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया.

रेखा आर्या ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की शिक्षाओं पर ज़ोर दिया और कहा कि हमें अपना कार्य संविधान के दायरे में करना चाहिए.

लक्ष्य कमांडर सीमा चौधरी व गायत्री बौद्ध ने शिक्षा पर ज़ोर देते हुए कहा कि, शिक्षा के बल पर ही बहुजन समाज का उद्धार सम्भव है.

उन्होंने कहा कि बहुजन समाज की सवारी दूषित मानसिकता वाले लोगों के साथ-साथ बहुजन समाज के ढोंगी नेताओ ने भी की है. हम लोगों को इन ढोंगी नेताओं से बचकर रहने की ज़रूरत है.

लक्ष्य कमांडर संघमित्रा गौतम ने तथागत गौतम बुद्ध की शिक्षाओं पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि तथागत ने सभी मनुष्यों को एक समान समझा. तथागत गौतम बुद्ध की शिक्षाएं विज्ञान पर आधारित हैं और इसमें अन्धविश्वास का नामो निशान नहीं है. हमें अपने विकास के लिए उनके बताए मार्ग को अपनाना चाहिए.

लक्ष्य कमांडर मुन्नी बौद्ध ने लक्ष्य के कार्यो व उद्देश्यों को विस्तार से बताया.  उन्होंने लोगों से अवाहन करते हुए कहा कि वो लक्ष्य की इस सामाजिक क्रांति में शामिल हो.