‘बर्थडे सेलिब्रेट’ करने के बाद लड़की को घर छोड़ना एक मुस्लिम युवक पर पड़ा भारी,धर्मांतरण का मुक़दमा

विशेष संवाददाता । Twocircles.net

एक ख़ास समुदाय के उत्पीड़न का प्रतीक बनते जा रहे उत्तर प्रदेश के ‘प्रचलित लव जिहाद’ कानून (धर्मातरण कानून) का सबसे हैरतअंगेज मामला बिजनोर से सामने आया है। बिजनोर के धामपुर कस्बे में एक दलित युवती को बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद उसके दोस्त द्वारा  घर मोटरसाइकिल से छोड़ने जाना बेहद भारी पड़ गया है। इसकी सज़ा के तौर पर युवक और उसके परिजनों के विरुद्ध धर्मातरण का मुक़दमा दर्ज हो गया है। बिजनोर के समाजवादी पार्टी के नेता खुर्शीद मंसूरी का कहना है कि ऐसा लगता है कि सरकार एक खास समुदाय को इस कानून के तहत फंसाये जाने के बहाने ढूंढ रही है।


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जानकारी के मुताबिक जनपद के धामपुर के गांव बेरखेड़ा चौहान में सोनू उर्फ़ साकिब पास के ही गांव नसीरपुर में अपने दोस्त के यहाँ बर्थ डे पार्टी में गया था। बर्थ डे पार्टी में महज़ 16 साल की दलित युवती भी बर्थ डे में गई हुई थी। ग्राम प्रधान इस्माईल के अनुसार  बर्थ डे पार्टी में रात दस बजे के करीब युवती को ग्रामीणों ने रास्ते में पकड़ लिया था। बताया जा रहा है कि उसके साथ साकिब भी था। युवती की सोनू उर्फ़ साकिब से मित्रता बताई जाती है । वहीं से पुलिस को फोन कर दिया गया। पुलिस रात को ही सोनू उर्फ़ साकिब को थाने ले आई। पहले तो साकिब पर बैट्री चोरी का आरोप लगाया गया और बाद में  लड़की के पिता की तहरीर पर पुलिस ने लव जिहाद का रूप देकर 14 दिसम्बर की रात को सोनू के खिलाफ धारा 363 /366 व 18 पॉक्सो एक्ट व् 3 (२ )व एससी /एसटी एक्ट धारा 3 /5 (1 ) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश ,2020 के तहत थाना धामपुर में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया। अब मजिस्ट्रेट के सामने हुए बयान के बाद युवती ने इन सब आरोपों को नकार दिया है।

पीड़ित युवती व उसकी माँ ने भी ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया है। युवती की मां के अनुसार  बर्थ डे पार्टी से मेरी बच्ची रात को घर आ रही थी। ग्रामीणों ने जबरन चोर समझकर पकड़ लिया। जबकि युवक की माँ की माने तो सोनू उर्फ़ साकिब बाद में आया था।अब  युवक और युवती दोनों की माँ ने धर्म परिवर्तन जैसी बात को नकारा है। युवती के पिता ने एक क़दम आगे बढ़कर प्रकरण के तहत खुद के परिवार को राजनीतिक मोहरा न बनाने की अपील की है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि लव जिहाद प्रकरण को लेकर एसपी देहात संजय कुमार ने पहले बताया था  की सोनू उर्फ़ साकिब ने अपना नाम बदलकर नाबालिग युवती को अपने प्रेम जाल में फसा लिया और अपहरण करके ले जाने की फ़िराक में था। धर्म परिवर्तन जैसी संगीन धाराए लगाकर जेल भेज दिया है। अब युवती के परिवार ने इसे सिरे से नकार दिया है। तब इस मामले में अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस अब सफाई दे रही है और कह रही है उन्होंने तो सब कुछ युवती और उसके पिता के बयान के आधार पर किया था अब वो बदल गए हैं।

इस दलित युवती के मुस्लिम दोस्त  को बाद में धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत और अपहरण के आरोप में बुक किया गया था।  उस पर SC / ST एक्ट, और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 की धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए और वर्तमान में बिजनौर की जेल में बंद हैं। अब युवती के मैजिस्ट्रेट को दिए गए बयान के बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा।

 पुलिस का दावा है कि लड़की के पिता की शिकायत पर धामपुर में पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी।  रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी ने “उसके साथ शादी करने और उसे बदलने के इरादे से लड़की को उसके साथ रहने के लिए प्रेरित किया”।

लेकिन लड़की के पिता ने सहमति से शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि  पुलिस ने उन्हें खुद ही सब कुछ लिख लिया और मुझे सिर्फ बयान  सुनाया।  “मुझे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा है, लड़की के पिता के अनुसार उन्हें अपनी लड़की पर पूरा भरोसा है। उसने कुछ भी ग़लत नही किया। उसे  राजनीति का हिस्सा नही बनाया जाना चाहिए। हमे बताया जाए, अब एक लड़के और लड़की का एक साथ चलना गैरकानूनी है !  ”

लड़की ने भी इनकार किया है कि उसे मजबूर किया गया था । उसने कहा है कि वो  अपनी मर्जी से लड़के के साथ घर आ रही थी। लड़की कहती है कि  “मैंने इसे मजिस्ट्रेट को बताया है, और मैं यह फिर से कहूंगी, उन लोगों को मेरे दोस्त के साथ चलने में परेशानी थी। यह मुक़दमा झूठा है और इसे ख़त्म किया जाना चाहिए। लड़की का यह भी कहना है कि उसे मानसिक दबाव में लेकर उसके वीडियो बनाए थे और अब इसे लव जिहाद कह रहे हैं। उसने कुछ भी गलत नहीं किया”।”

लड़के की उम्र के बारे में भी विरोधाभासी बयान दिए गए थे। जबकि पुलिस का दावा है कि वह 18 साल का है, उसके परिवार का कहना है कि वह 17 साल का है,लडक़ी भी नाबालिग़ बताई जा रही हैं।

धामपुर थाना प्रभारी अरुण कुमार के मुताबिक  आरोपी न्यायिक हिरासत में था।  “अगर वह नाबालिग है तो कागज़ दिखाने चाहिए थे। हमने लड़की से पूछताछ की थी और उसके पिता के आधार पर इस मामले में उचित धाराएं लगाई हो सकता है वो अब बदल गए हो! “

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