मलयालम न्यूज़ चैनल मीडिया वन पर सरकार ने लगाई रोक

स्टाफ रिपोर्टर।Twocircles.net

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मलयालम समाचार चैनल ‘मीडिया वन’ के प्रसारण पर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रोक लगा दी हैं। गृह मंत्रालय द्वारा चैनल को ‘सुरक्षा मंजूरी’ प्रदान करने से इनकार करने के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने निलंबन आदेश जारी किया हैं। लेकिन इसके बाद, केरल हाई कोर्ट ने सरकार के आदेश पर दो दिन के लिए रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। 


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मीडिया वन समाचार चैनल के संपादक प्रमोद रमन ने एक बयान में कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चैनल के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘मंत्रालय ने कहा है कि प्रतिबंध सुरक्षा कारणों से लगाया गया, लेकिन चैनल को अभी तक इस पर ब्योरा नहीं मिला है। केंद्र सरकार ने Mediaone TV पर प्रतिबंध के बारे में विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। हमने प्रतिबंध के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद, चैनल दर्शकों से दोबारा जुड़ेगा। हम इस उम्मीद के साथ प्रसारण को अस्थायी रूप से निलंबित कर रहे हैं कि अंत में हमारे साथ न्याय होगा।’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चैनल के सूत्रों का कहना है कि टीवी चैनल के लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है लेकिन जब प्रतिबंध आया तब चैनल के लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी जारी थी। हालांकि सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका है। मंत्रालय का कहना है कि चैनल को इसलिए बंद करने का आदेश आया हैं क्योंकि चैनल ने सुरक्षा मंजूरी को पूरा नहीं किया था।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग लाइसेंस नीति के अनुसार, देश में प्रसारण लाइसेंस प्राप्त करने के लिए, प्रत्येक चैनल को गृह मंत्रालय द्वारा जारी सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। सुरक्षा मंजूरी मौजूदा नीति के तहत दस साल की अवधि के लिए वैध है, जिसके बाद चैनल को इसे फिर से प्राप्त करना होगा।

केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस एन नगरेश ने मामले की सुनवाई करते हुए चैनल से उसका पक्ष पूछा। इस पर मीडिया ग्रुप के वकीलों ने कहा कि उनका चैनल किसी भी तरह की देशविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत अपना आदेश वापस लेने के निर्देश दिए जाएं। अगली सुनवाई बुधवार को होगी जब तक के लिए हाईकोर्ट ने रोक पर स्टे लगा दिया है।

यह दूसरी बार है जब मीडिया वन के प्रसारण को केंद्र सरकार ने रोक दिया है। इससे पहले मार्च 2020 में, केंद्र ने पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों पर रिपोर्टिंग की वजह से केबल टेलीविज़न नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1998 के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में चैनल पर 48 घंटे के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

कई पत्रकार संगठनों और विपक्षी कांग्रेस ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। केरल के विपक्षी नेता वी डी सतीसन ने कहा, ‘यह एक अलोकतांत्रिक कदम है। चैनल को प्रसारण निलंबित करने का कारण भी नहीं बताया गया। यह नैसर्गिक न्याय का उल्लंघन है। सभी लोकतांत्रिक ताकतों को इसकी निंदा करनी चाहिए’।

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