खेत से मूली उखाड़ने पर दलित की छाती में दाग दी गोली

आस मोहम्मद कैफ, TwoCircles.net

शामली: जनपद के कांधला थानाक्षेत्र का एक गांव हुरमंजपुर दबंगों की गरीबों पर ज़ुल्म की दास्तान कह रहा है. यहां खेत से एक मूली तोड़ने की सज़ा के तौर पर एक दलित के घर मे घुसकर छाती छलनी कर दी गयी है. मूली तोड़ने का आरोपी 13 साल के लड़के का पिता दस दिनों ने अस्पताल में मौत से जूझ रहा है, और गोली दागने वाले बेखौफ घूम रहे हैं. इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी अब नही हुई है और पीड़ित की हालत अभी भी गंभीर है. थानाध्यक्ष कांधला अनुराधा सिंघल ने घटना की पुष्टि की है और एसपी शामली अजय शर्मा ने आरोपियो की गिरफ्तारियों के लिए सख्त आदेश जारी किया है, मगर कुछ स्थानीय नेता इसे जाट बनाम दलित रंग देकर मामले को खींचना चाहते हैं.


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हुरमंजपुर

घटना 28 नवम्बर यानी बीते हफ्ते के सोमवार की है. हुरमजपुर गांव के प्रधान अनिल का गांव के पास में ही एक खेत है, जिसमें उन्होंने उसने मूली की खेती कर रखी है. सोमवार को किसी ने उन्हें जानकारी दी कि गांव के सुनील का लड़का विजय उसके खेत से मूली तोड़कर ले गया. इसके बाद ग्राम प्रधान अनिल अपने साथ दो साथियों को लेकर सीधे हथियार लेकर दलित बस्ती में सुनील के घर जा चढ़े. गांव जाटबहुल है और 1995 में जाटों के आतंक से आजिज़ आकर बहुत सारे दलित गांव से पलायन कर चुके हैं, मगर थोड़े अभी भी बचे हैं. सुनील के घर पहुंचकर अनिल ने विजय के बारे में पूछा. सुनील घर पर नही था. गुस्से और हथियार से लैस प्रधान अनिल को देखकर घर में मौजूद महिलाये डर गयी और मूली तोड़ने के आरोपी 13 वर्षीय विजय को कमरे मे बंदकर ग्राम प्रधान के पैरो मे गिर गयीं. मगर प्रधान का दिल नही पसीज़ा. मारपीट के बाद विजय के पिता सुनील को पिस्टल से सीने में गोली मार दी गयी.

हुरमंजपुर

इसके बाद ग्रामप्रधान वहां से आतंकित करता हुआ शान से चला गया. सूचना मिलते ही स्थानीय थानाध्यक्ष अनुराधा सिंघल मौके पर पहुंच गयीं. तत्काल सुनील को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मुज़फ्फरनगर जिला अस्पताल को रेफर कर दिया गया. यहां एक सप्ताह बाद भी सुनील की हालत गंभीर बनी हुई है.

हुरमंजपुर

अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है जबकि एसपी शामली अजय शर्मा घटना के तुरंत बाद सीओ भूषण वर्मा के साथ मौके पर पहुंचे थे. पुलिस ने उसके बाद से ताबड़तोड़ दबिश दी मगर मामले का राजनीतिकरण हो जाने के कारण अब तक कोई गिरफ्तारी नही हो पायी है. हुरमंजपुर से दलितों ने पलायन करना प्रारम्भ करना कर दिया है. गांव मे दलित भयाक्रांत हैं और मीडिया से अपना नाम न छापने का आग्रह करते रहते हैं. एक सप्ताह बाद भी गांव मे दहशत का दबदबा है और पुलिस तैनात है. पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान की बोलेरो गाड़ी अपने कब्जे में ले ली है. मौके से पुलिस को पिस्टल के दो खोखे भी मिले थे. ग्राम प्रधान अनिल की छवि इलाके में बहुत खराब है मगर फिर भी वह अपनी बिरादरी और दबंगई के दम पर प्रधान बन जाता है.

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