‘अगर अभी भी मीडिया ट्रायल चल रहा है तो यह देश की न्याय प्रणाली में दखल है’ –उमर खालिद के पिता

Afroz Alam Sahil, TwoCircles.net

नई दिल्ली : दिल्ली की एक कोर्ट ने ‘देशद्रोह’ के मामले में गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भटटाचार्य की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी है. अब पुलिस दोनों छात्रों से दो दिन और पूछताछ कर सकेगी.


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इस बीच TwoCircles.net ने उमर खालिद के पिता डॉ. क़ासिम रसूल इलियास से एक ख़ास बातचीत की और जानने की कोशिश की अब वो क्या सोचते हैं?

TwoCircles.net से इस ख़ास बातचीत में डॉ. क़ासिम रसूल इलियास ने अभी भी मीडिया के रोल पर नाराज़ नज़र आए. उनका स्पष्ट तौर पर कहना है कि –‘मामला अदालत में जा चुका है. तो अब अदालत को ही इसका फैसला करने देना चाहिए. मीडिया को फैसला करने का कोई हक़ नहीं है. अगर अभी भी मीडिया ट्रायल चल रहा है तो यह देश की न्याय प्रणाली में दखल है.’

वो बताते हैं कि –‘अदालत में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. हमें अदालत के फैसले का इंतज़ार है.’

उमर ख़ालिद से मुलाक़ात के संबंध में वो बताते हैं कि वो शनिवार को सुबह अपने बेटे से मिले हैं. उसे कुछ कपड़ों की ज़रूरत थी, वो उसे ही लेकर गए थे.

वो बताते हैं कि उमर खालिद बिल्कुल ठीक है और पुलिस लगातार उससे व उसके साथियों से पूछताछ कर रही है. कल कन्हैया को भी साथ बिठाकर पूछताछ की गई है.

कन्हैया कुमार के पीटने के स्टिंग व खुद कन्हैया का वीडियो आने के संबंध में डॉ. इलियास बताते हैं कि -‘ये जो वकील हज़रात हैं, उनका काम लोगों के हक़ूक़ की हिफ़ाज़त करना है. उन्हें कहीं से यह सर्टिफिकेट नहीं मिल गया है कि वो लोगों के जान-माल, इज़्ज़त-आबरू पर हमला करें. सुप्रीम कोर्ट ने इनके हरकतों का नोटिस ले लिया है. जांच-पड़ताल चल रही है.’

उधर पुलिस ने दावा किया है कि उमर, अनिर्बान और कन्हैया कुमार को एक साथ बिठाकर उनसे पूछताछ करने के बाद कार्यक्रम में मौजूद कुछ बाहरी तत्वों सहित 22 लोगों की पहचान हो सकी है. उमर और अनिर्बान को इससे पहले 24 फरवरी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था. उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था .

इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि कन्हैया के साथ-साथ उमर और अनिर्बान की रिमांड कार्यवाही के दौरान गोपनीयता बरती जाए. कोर्ट ने पुलिस को यह हिदायत भी दी थी कि किसी भी आरोपी छात्र को एक खरोंच तक नहीं आनी चाहिए और कोई हंगामा नहीं होना चाहिए.

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