सहारनपुर : हिंसा जारी, भारी तबादले लेकिन प्रशासन के लिए 'स्थिति नियंत्रण में'

आस मोहम्मद कैफ, TwoCircles.net
सहारनपुर : कल देर शाम बसपा सुप्रीमो मायावती की शब्बीरपुर से वापसी के बाद बड़गांव-चंद्रपुर मार्ग पर दलितों पर हुए हमले के बाद यहां तनाव जबरदस्त है. सुबह से 3 लोगों को गोली लगने की खबर है, जिनमें से दो की हालत बेहद गम्भीर बतायी जा रही है. हालात और ज्यादा विस्फोटक होने की आशंका है. कल देर शाम मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ द्वारा बुलायी गयी आपातकालीन बैठक के बाद राजधानी से चार बड़े अफसर सहारनपुर भेजे गए हैं. रात में 2 बजे तक इन अफसरों ने हालात पर नियन्त्रण के लिए गहन चिंतन किया और सुबह 5 बजे बड़गांव मार्ग पर मोहित और विपिन नामवाले साले-बहनोई को गोली मार दी गयी, जिनमें विपिन की हालत नाजुक है और उसे मेरठ रेफर कर दिया गया है. दोपहर में शहरी क्षेत्र के थाने जनकपुरी के जनता रोड पर एक अन्य युवक को भी गोली मार दी गयी, जिसकी हालत भी गंभीर है.
मामले को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आज शाम सहारनपुर के जिलाधिकारी, कमिश्नर, डीआईजी, एसएसपी, एसडीएम और सीओ को स्थानांतरित कर दिया है. लेकिन तत्कालीन एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के अनुसार हालात पर पूरी तरह उनका नियंत्रण है और इन घटनाओं का जातीय संघर्ष से जुड़ाव कहना जल्दबाजी है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कल हुई घटना के बाद गृह सचिव मणिकांत मिश्र, एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्र, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और डीआईजी विजय भूषण को माहौल सामान्य होने तक यहीं कैंप करने को कहा है. एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्र के मुताबिक हालात उनके नियंत्रण में हैं और दोषियों को बख्शा नही जायेगा. सांसद राघव लखन पाल ने शब्बीरपुर को आदर्श ग्राम योजना में शामिल करने की घोषणा की है. गृह सचिव मणिकान्त मिश्र ने शब्बीरपुर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाक़ात की और सुरक्षा का भरोसा दिया.
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गृह सचिव गाँव में[/caption]
जानकारी के मुताबिक लगभग 20 गांवों में दलितों और राजपूतो के बीच भारी तनाव की खबरें हैं. यहां आपस में मारपीट हुई है. पूरे सहारनपुर देहात को पुलिस से पाट दिया गया है. बड़गांव क्षेत्र खासतौर पर छावनी में तब्दील हो गया है. आसपास के जनपदों की पुलिस, पीएसी और आरएएफ की पांच कंपनियों की तैनाती की गयी है.
जय राजपूताना और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस की पैनी नजर है. कुल 25 युवकों को अभी तक हिरासत में लिया गया है. मायावती ने राज्य सरकार को असफल घोषित कर दिया है. उनका एक प्रतिनिधिमंडल आज देर शाम मुख्यमंत्री से मिलेगा, जिसमें सतीश चंद्र मिश्र, लाल जी वर्मा, राम अचल राजभर और इंद्रजीत सरोज शामिल होंगे.
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गिरफ्तार युवकों की जारी सूचि[/caption]
मीडिया में जारी बयान में मायावती ने सरकार पर साम्प्रदायिक और जातिवादी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने समाज में जहर घोल दिया है. यह वोट के लिए किया गया था और अब नासूर बन गया है जिसने जातीय हिंसा का रूप ले लिया है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने शब्बीरपुर से वापस लौटने वालों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नही किए?
