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संजली हत्याकांड का खुलासा,परिजनों को पुलिस की कहानी पर नही हो रहा यक़ीन,भीम आर्मी ने उठाई सीबीआई जांच की मांग

संजली हत्याकांड का खुलासा,परिजनों को पुलिस की कहानी पर नही हो रहा यक़ीन,भीम आर्मी ने उठाई सीबीआई जांच की मांग
आस मोहम्मद कैफ, TwoCircles.net

आगरा पुलिस ने दिल दहला देने वाले संजली हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। 25 दिसंबर को जब देश भर दलितों के जगह-जगह प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी ठीक उसी दिन आगरा के एसएसपी अमित पाठक ने पत्रकार वार्ता बुलाकर संजली की हत्या का खुलासा कर दिया.

अमित पाठक ने इस दौरान दो युवकों को प्रेस के सामने पेश किया और दावा किया इस जघन्य अपराध का मास्टर माइंड योगेश था।अब वो भी मर चुका है। योगेश संजली से एकतरफा प्यार करता था जिसमें संजली द्वारा ठुकराए जाने के बाद उसने प्रतिशोध में आकर यह कदम उठाया।संजली की इस दर्दनाक हत्या में दो अन्य युवक आकाश और विजय ने उसकी मदद की.दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।हत्या की वजह के साथ पुलिस ने पूरा घटनाक्रम बताया।अपनी बात की पुष्टि के लिए कुछ साक्ष्य दिए।

 आगरा पुलिस कप्तान के अनुसार योगेश के मोबाइल का डाटा रिकवर करने पर उन्हें हत्याकांड का खुलासा करने में मदद मिली।योगेश संजली के ताऊ का बेटा है जबकि आकाश और विजय भी उसके रिश्तेदार है.

18 दिसंबर को आगरा से 14 किमी दूर मलपुरा थाना क्षेत्र के गांव लालउ की 15 साल की 10वी की छात्रा को स्कूल से वापस लौटते वक्त दोपहर डेढ़ बजे पेट्रोल डाल कर जिंदा जला दिया गया था।जिस दिन यह घटना हुई उसी दिन उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओमप्रकाश सिंह आगरा में कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।इसके बाद उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़िम था और आगरा पुलिस को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा था।

घटना के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए संजली के भाई योगेश को बुलाया था।पूछताछ के बाद तनाव में आएं योगेश ने आत्महत्या कर ली थी.

घटना के बाद भीम आर्मी सुप्रीमो चन्द्रशेखर ने भी संजली के परिजनों से मुलाकात कर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था मगर इस खुलासे के बाद प्रदर्शन स्थगित कर दिए गए।

संजली के घर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी पहुंचे थे।लगभग दो हजार की आबादी वाले लालउ गांव में जाट और जाटव बराबर संख्या में है।इस घटना के बाद बाद से यहां जातीय तनाव फैल रहा था.

पुलिस को घटना की गंभीरता का अंदाजा था इसलिए खुलासे के दौरान घटनाक्रम को सिलसिलेसार बताया गया।पुलिस ने बताया कि योगेश संजली से एक तरफा प्यार करता था और रिजेक्शन से तनाव में था।हत्याकांड में उसने अपने ममेरे भाई विजय और एक और रिश्तेदार आकाश को 15-15 हजार रुपए का लालच देकर अपने साथ मिला लिया।पुलिस अलग अलग स्थानों की संजली का पीछे आती दो मोटरसाइकिल की सीसीटीवी फुटेज भी जारी की है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि संजली के पिता को बुलाकर सभी साक्ष्य दिखाए गए हैं उन्हें गिरफ्तार युवकों से भी मिलवाया गया है.

पुलिस का कहना है कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों ने भी हत्या की बात कबूल की है और बताया है योगेश ने ही संजली पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।योगेश ने यह योजना सीरियल क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई।आगरा पुलिस ने इस हत्याकांड के खुलासे के लिए 7 टीमें लगाई थी जिसमे 3 आईपीएस काम कर रहे थे.

मगर पुलिस के इस खुलासे से संजली का परिवार संतुष्ट नही है,संजली के पिता हरेंद्र जाटव में मीडिया से कहा है  कि"पुलिस उन्हें आधी रात को थाने ले गई थी जहां उन्हें एक लड़का दिखाया गया,पुलिस वालों के पूछने पर उसने पूरी कहानी सुनाई, उसने बताया कि पिछले महीने मुझ पर भी हमला उन्होंने ही किया था उसमें उसने 6 बजे समय बताया जबकि मुझपर हमला 9 बजे हुआ था,पुलिस ने मुझे मोबाइल में चिट्ठियां दिखाई जबकि असली चिट्ठी में देखना चाहता था".

संजली के गांव में सभी लोग पुलिस के इस खुलासे से सहमत नही है ,संजली की मां का कहना है एक भाई कभी अपनी बहन को जिंदा नही जला सकता पुलिस के यह कहानी उनकी समझ मे नही आ रही.

घटना के बाद संजली के परिजनों के साथ ग़म बांटने पहुंचे चंद्रशेखर आज़ाद ने भी पुलिस की कहानी से असहमति जताई है ,चन्द्रशेखर ने ट्वीट कर पुलिस की जांच को भरोसेमंद नही बताया है और सीबीआई से संजली हत्याकांड की जांच कराने का आग्रह किया है।उनके अनुसार "हम ही पीड़ित है और पुलिस ने हमें ही अपराधी घोषित कर दिया है,जब योगेश अपराधी था तो उसे गिरफ्तार करके छोड़ा क्यों गया था,छूटने के बाद योगेश की मौत हो गई  कहीं योगेश की भी हत्या तो नही की  गई है, हम सरकार इसमें निष्पक्ष जांच टीम गठित कर  सीबीआई से जांच कराने को मांग करते हैं.

डीएम आगरा ने संजली के परिजनों को पचास हजार रुपये का मुआवजा प्रदान किया है.उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा 5 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान कर गए थे जो अब तक नही मिला है.