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मुज़फ़्फ़रनगर दंगा : मुक़दमा वापसी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ महा-पंचायत की तैयारी में जाट


आस मुहम्मद कैफ़, TwoCircles.net

शामली : उत्तर प्रदेश सरकार के ज़रिए मुज़फ़्फ़रनगर दंगे के आरोपी भाजपा नेताओं के मुक़दमा वापसी की क़वायद के बाद जाटों ने भी इस प्रकिया पर नाराज़गी जताई है.

किसानों के सबसे बड़े संगठन ‘भारतीय किसान यूनियन’ के अध्य्क्ष चौधरी नरेश टिकेत ने सरकार के इस क़दम को ग़लत क़रार दिया है. नरेश दिवंगत किसान नेता महेंद्र सिंह टिकेत के बेटे हैं.

शामली जनपद के एक गांव बधेव में जुटे जाट दिग्गजों ने ऐलान किया है कि जो लोग आग लगाने में थे, उनके मुक़दमा वापस होने की यह कोशिश सुलह की कोशिशों को सियाह कर देगी.

शामली के बधेव गांव में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत हुई और इसमें खाप चौधरियों ने अपनी बात रखी.

खाप चौधरियों की इस पंचायत में बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकेत ने कहा कि, इससे साफ़ होता है कि जनता की वोट लेने के लिए ही दंगा कराया गया.

इस पंचायत में गठवाला खाप के थाम्बेदार बाबा श्याम सिंह, कुलदीप पंवार, देवराज पहलवान और सतेंद्र कुमार ने भी शिरकत की.

TwoCircles.net के साथ बातचीत में अशोक बालियान कहते हैं कि,  पहले जैसे वातावरण में वापसी के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि सभी के मुक़दमे वापस हों. अब नेतागणों के वापस होंगे तो यह सरासर अन्याय है ही. यहां प्यार-मोहब्बत क़ायम होने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि दोनों पक्षो के मुक़दमों सहित दिलों के मैल भी ख़त्म हो.

रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता अभिषेक चौधरी कहते हैं, बीजेपी नेताओं से मुक़दमा वापसी की क़वायद से यहां फ़िज़ा में गर्मी और बढ़ जाएगी. इससे अविश्वास पैदा होगा. सरकार का यह फैसला बिल्कुल ग़लत है, हम इसका विरोध करेंगे.

भारतीय किसान यूनियन के ज़िला अध्यक्ष राजू अहलावत थोड़ा और मुखर होकर बात करते हैं. वो कहते हैं, मतलब मरेगी-कटेगी जनता और वो खाएंगे पेड़े. ऐसा नहीं हो सकता. मुक़दमें सबके वापस होंगे सिर्फ़ नेतागणों के नहीं.

वो आगे कहते हैं कि, बीजेपी के लोगों का खेल सबकी समझ में आ गया है. यहां जाट मुस्लिम सबके मुक़दमे वापस हों और सब आपस में बैठकर गिले-शिकवे दूर करें. पहली जैसी बात आनी तो मुश्किल है, मगर दिल तो साफ़ हो. सब इन्हीं का किया धरा है, जो आज मुक़दमे वापस लेने की कोशिश में लगे हैं.

दरअसल, इन सब बातों की अपनी एक मज़बूत वजह है और जाटों में मुक़दमें वापसी की चर्चा की कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है.

कुलदीप कहते हैं, इनके मुक़दमे क्यों वापस हों? हम ऐसा होने नहीं देंगे.

गांव-गांव इसकी चर्चा हो रही है. बधेव की पंचायत में इसे बीजेपी सरकार की दोहरी मानसिकता बताई जा रही है. अब इसके लिए एक महा-पंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया गया है.

नरेश टिकेत हमसे कहते हैं, इस क़दम से सरकार की मंशा साफ़ है कि वोट लेने के लिए ही दंगा कराया गया. अब हम जल्द ही महा-पंचायत करेंगे और आगे की रणनीति का निर्णय होगा.