यूनाइटेड अगेंस्ट हेट: नफरती हमलों के विरोध छिड़ा आंदोलन

TCN News

पटना : यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के बैनर तले पटना में आयोजित अबकी बार नफरत की हार कार्यक्रम का आयोजन पटना में किया गया। पिछले कुछ दसक में देशभर में मॉब लिंचिंग यानी उन्मादी भीड़ द्वारा लोगों को पीटने या हत्या करने की घटनाएं बढी जिनमें मोहम्मद अख़्लाक़, अयूब, रवींद्र कुमार, जफ़र खान, पहलू खान, ये वो नाम हैं, जिन्हें ऐसी ही भीड़ ने मार डाला। इस सभी में बिहार भी अछूता नहीं रहा है रोसड़ा , नवादा, औरंगाबाद, सीतामढ़ी समेत बिहार भर में नफरती हमले तेज़ी से बढ़ें।

बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी, रोहित वेमुला की माता राधिका वेमुला, राजद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, कांग्रेस नेता कुमार आशीष, अररिया में मॉब लिंचिंग के शिकार काबुल मियां के बेटे शामिल और कई दलित-अल्पसंख्यक संस्था के लोग शामिल रहें।


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इस कार्यक्रम के आयोजक महताब आलम ने कहा कि अन्याय करने वाला ही दोषी नही है बल्कि उस अन्याय को मूकदर्शक बनकर देखने वाले भी बराबर के दोषी हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले वक्त में बिहार में पीड़ितों की लड़ाई को और तेज़ किया जायगा जिससे लोगों को इन्साफ मिल सके।

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने चालीस साल के अपने सार्वजनिक जीवन और उससे पहले मजदूरी की जिंदगी बिताते हुए एक दलित के रूप में जो नफरत झेली उसे लोगों को सुनाया।

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने संबोधित करते हुए कहा कि समाज मे नफरत की जड़ को मनुवाद के वजह से व्याप्त असमानता और रूढ़िवादी सोच रही है। वही इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने जातीय जनगणना के रिपोर्टों को उजागर करने, अनुसूचित जाति–जनजाति और अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए सेपरेट इलेक्टोरल की मांग की।

रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उसका बेटा इस दुनिया से विदा हो चुका है लेकिन अपने आखिरी पत्र में रोहित ने जिन सवालों को खड़ा किया था उसको पूरे देश मे पूछा जाना चाहिए और मैं इसके लिए संघर्षरत हूँ। रोहित और अफ़राज़ूल के कत्ल के कारक नफ़रत ही थे। इस सरकार में संविधान के जलाए जाने की घटना और उसके बाद चुप्पी पर उन्होंने दुख जताया और कहा कि ये सरकार न सिर्फ धार्मिक नफरत को बढ़ावा दे रही है बल्कि शिक्षण संस्थानों में नजीब, रोहित की हत्या हुई और अब ये नफरती हमले बिहार तक पहुंच गए हैं।

राधिका वेमुला ने कहा कि बेटे की शहादत के बाद उनका पाखणवाद और केंद्र में सत्ता दल के खिलाफ संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में हिंसा गलत है, समाज को जाति समूहों में बांटा जा रहा है। इसके अलावा समाज में दलित-अल्पसंख्यक समाज को एक जुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग होने की बात कही।

वही इस कार्यक्रम में शामिल यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य और देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर आवाज़ उठाने वाले नदीम खान ने बताया कि देश मे हेट क्राइम की हेट इंडस्ट्री चल रही है। जिसे पोलिटिकल किलिंग करार दिया।

उन्होंने बताया कि हर घटना के बाद न्यायोचित ठहराते हुए उसका राजनीतिकरण करते हैं और वोट हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। हर ऐसी घटना के बाद भाजपा के लोग दोषी को बचाने के लिए हर हथकंडे अपनाते हैं और दोषियों को सरकारी सह तक प्रदान किया जाता है।

इस कार्यक्रम में शामिल बिहार के अररिया में हुई मॉब लिंचिंग के शिकार हुए  काबुल मियां के बेटे में अपनी आपबीती बताई हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जैनुल अन्सारी के छोटे बेटे अशरफ अली ने सीतामढ़ी में भीड़ द्वारा अपने पिता के जलाकर मार दिए जाने की घटना पर बताया कि स्थानीय नेता के दबाव में दोषियों की गिरफ्तारी नही हो पा रही है उन्होंने लोगों से मदद की गुजारिश की।

राजद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने मोब लीनचिंग में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने कर लिए यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस फासिस्ट सरकार के संरक्षण में दलित-अल्पसंख्यक पर हमले अप्रत्याशित रूप से बढ़ने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेता कुमार आशीष ने पीड़ित परिवार के लोगों के साथ खुद को खड़ा बताया। और कहा कि पूरे देश में खौफ का माहौल है और ये खौफ समाज को तोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2019 में देश की जनता इस फासीवादी सरकार को दिल्ली से बाहर करके फिर से अमन बहाल करने का काम करेगी।

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