यूपी में लगातार हो रहा है पत्रकारों का उत्पीड़न

बुधवार को शामली में हुई पत्रकार अमित की पिटाई को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी है.
इससे पहले कुछ पत्रकारों गिरफ्तारियों से पहले ही सरकार से पत्रकारों को नाराज़गी है.अमित शर्मा की तहरीर पर एसओ राकेश कुमार,सिपाही संजय कुमार, रिंकू और सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है.
मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की पांच सदस्यीय टीम शनिवार को पीड़ित पत्रकार की पीड़ा सुनने आ रही है इसकी जानकारी स्थानीय पत्रकारों को दे दी गई है.शामली में पत्रकारों पर हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है इससे पहले दो बड़े अखबारों के दफ्तरों पर भी हमला हो चुका है।स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि वो दोनों हमले भी पुलिस शह पर किए गए थे।
एडवोकेट प्रताप राठौर के मुताबिक पिछले कुछ समय से पुलिस के व्यवहार में बदलाव आया है।असहमत पत्रकारों के विरुद्ध मुक़दमे दर्ज हुए है।अमित की पिटाई सिर्फ उसे बेईज्जत करने के लिए नही की गई बल्कि सभी पत्रकारों में भय पैदा करने के लिए की गई है।
