एएमयू के वीसी ने कल्याण सिंह की मौत पर जताया शोक, छात्रों ने विरोध में लगाया पोस्टर

विशेष संवाददाता।Twocircles.net

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर तारिक़ मंसूर द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु पर शोक जताने पर विरोध शुरू हो गया है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कैंपस में वीसी तारिक मंसूर के खिलाफ पोस्टर चस्पा करें गए हैं। पोस्टर में एएमयू वीसी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर संवेदना जताए जाने को ग़लत बताते हुए विरोध किया गया है। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पोस्टर हटा दिए गए हैं।


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पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यपाल कल्याण सिंह का बीते दिनों इलाज़ के दौरान लखनऊ में निधन हो गया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर तारिक़ मंसूर ने 22 अगस्त को उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करी थी। वाइस चांसलर ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा था कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मौत से पूरे देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। अब वीसी द्वारा व्यक्त करी गई शोक संवेदना के विरोध में कैंपस भर में आपत्तिजनक पोस्टर लगाकर वीसी की निंदा की गई है।

पोस्टर में लिखा है कि एएमयू कुलपति द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया जाना न सिर्फ शर्मनाक है बल्कि इससे हमारे समुदाय की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई है, क्योंकि यह एएमयू की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों के खिलाफ है।

पोस्टर में आगे लिखा गया है कल्याण सिंह न सिर्फ बाबरी मस्जिद विध्वंस के मुख्य अपराधी थे बल्कि उच्चतम न्यायालय का आदेश नहीं मानने के गुनहगार भी थे। कुलपति द्वारा शोक व्यक्त किया जाना पूरी एएमयू बिरादरी के लिए शर्मनाक है। यह अलीगढ़ आंदोलन की परंपराओं के लिए भी निरादरपूर्ण है, जो न्याय और समता में विश्वास रखती हैं।

पोस्टर में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। अगर नेतागिरी करनी है तो अपना पद छोड़कर किसी अच्छी पार्टी में नेतागिरी करें। उन्होंने बाबरी मस्जिद की शहादत में अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के प्रति संवेदना व्यक्त की, जो बेहद गलत है।

एएमयू कैंपस में दीवार पर लगाए गए इस पोस्टर में किसी छात्र नेता या संगठन का नाम नहीं लिखा गया है। पोस्टर में नीचे लिखा हुआ है ‘ स्टूडेंट्स आप अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’। पर्चे चिपकने की खबर के बाद कैंपस में खलबली मच गई। आनन-फानन में विश्विविद्यालय प्रशासन द्वारा पर्चे हटा दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पोस्टर लगाने वाले लोगों की तलाश के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। वीसी तारिक मंसूर ने इस मामले में जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

इस मामले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली का कहना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में मस्जिद के आसपास कई जगह यह पोस्टर लगे मिले थे, जिन्हें हटवा दिया गया है। प्रॉक्टर टीम को अलर्ट कर दिया गया है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मिले तो तत्काल उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस समय छात्र नहीं हैं। कैंपस खाली है। कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस तरह के पर्चे दो-तीन जगह चिपकाए गए थे। यह अराजक तत्वों का काम है, जो यूनिवर्सिटी के माहौल खराब करना चाहते हैं। इसके जिम्मेदारों की तलाश की जा रही है। उनकी पहचान होने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।

इस मामले में एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा है कि पोस्टर कैंपस में लगा था, मेरे पास मैसेज आया था, हमने कोशिश की लेकिन पता नहीं चला कि यह कहां से और किसने लगाया है। इसमें किसी का नाम नहीं लिखा है। कोई भी इस तरह का पोस्टर लगा सकता है। फैजुल हसन ने वीसी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कल्याण सिंह के जाने से देश का नुक़सान हुआ हो या न हुआ हो लेकिन हमारे वीसी साहब का पर्सनल नुकसान हुआ है, हर कोई जानता था कि इनका बहुत करीबी मामला है।

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