सहारनपुर के छात्र सुहैल ने बताई युक्रेन की आंखों देखी “धमाके की लगातार आवाज के साथ आसमान है धुआं धुंआ”

सिमरा अंसारी।Twocircles.net

सहारनपुर के क़स्बा नागल के रहने वाले मुहम्मद सुहेल रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद यूक्रेन के शहर इवानो में ही फसे हुए हैं। सुहेल इवानो फ्रेंकविस्क नेशनल मेडिकल यूनिर्विसिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं। वे बीते साल दिसम्बर 2021 में ही यूक्रेन गए थे।


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इवानो के मौजूदा हालात के बारे में बताते हुए सुहेल कहते हैं, “बृहस्पतिवार की सुबह बम धमाके की आवाज़ से आंख खुली, खिड़की से बाहर देखा तो आसमान में धुंआ ही धुआं नज़र आ रहा था। हम सभी छात्र डरे हुए थे क्योंकि हमारे हॉस्टल से सिर्फ 3 किमी° दूर ये हमला हुआ था। यहां ATB (ऑल टाइम बाय) पर खाने की चीजें और ज़रूरत के दूसरे सामान खत्म होते जा रहे हैं। स्टोर और एटीएम के बाहर लंबी कतारें लगी हुई थीं. कोई भी नहीं जानता ये सब कितना लंबा चलने वाला है, इसीलिए लोगों ने अपने घरों में ज़रूरत का सामान व राशन जमा कर लिया है”

यूनिवर्सिटी प्रशासन के बर्ताव व सहयोग के बारे में पूछे जाने पर सुहेल कहते हैं,”यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई है। हमने यूनिवर्सिटी के अंदर जाने की कोशिश की तो हमें रोक दिया गया। रूस द्वारा किए जा रहे हमलों से स्वंय को सुरक्षित करने के लिए हम सभी छात्र बंकर में जाना चाहते थे लेकिन हमें जाने नहीं दिया गया। बीते दिनों इस सिलसिले में सभी छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात की थ उन्होंने कहा कि ये लड़ाई तो दशकों से चल रही है, आप सभी घबराइये नहीं।हम लगातार ऑनलाइन क्लासेज़ की मांग करते रहे ताकि हम वक्त रहते घर लौट सकें। सभी छात्रों ने मिलकर यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना प्रदर्शन किया तब जाकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 2 हफ़्ते के लिए ऑनलाइन क्लासेज़ कराने की घोषणा की. घर जाने की सभी तैयारी कर ली थी कि रूस ने हवाई अड्डों पर ही हमला कर दिया”

आगे भारतीय दूतावास से सहयोग के बारे में बात करते हुए वे कहते हैं, “यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से 2 दिन पहले हमारी बात हुई थी। उनका कहना था कि वो लोग लगातार भारत सरकार से संपर्क में हैं और सरकार हमें यहां से बहुत जल्द निकाल लेगी। हमें दूतावास के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर ध्यान रखने का निर्देश दिया गया था. हवाई अड्डों पर हमले होने के कारण हमें बस द्वारा रोमानिया या हंगरी ले जाने की बात की जा रही है जहां से हमें हवाईजहाज़ के ज़रिए अपने देश वापस लौट सकें ”

सुहैल के परिवार में उनके अम्मी–अब्बू और छोटे भाई बहन हैं. बेटे के युद्ध क्षेत्र में फंस जाने के कारण परिवार और रिश्तेदार चिंतित हैं और हर समय बेटे के सकुशल घर लौटने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। सुहेल के पिता सिंचाई विभाग में कर्मचारी हैं. अपने परिवार की स्थिति के बारे में बात करते हुए कहते हैं, “ऐसे परिवार जिसका एक सदस्य युद्ध क्षेत्र में फंसा हुआ हो उसकी परेशानी व दुख को शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है. हमारा बेटा वहां फंसा हुआ है लेकिन इस बात का संतोष है कि वो सुरक्षित है और हम उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द सकुशल घर लौटेगा।”

आगे बात करते हुए वे कहते हैं, सहारनपुर के कई छात्र इस समय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। सभी छात्रों के परिजन लगातार सरकार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं।आज सहारनपुर सांसद हाजी फज़लुर्रहमान साहब से बात हुई उन्होंने भी सरकार को पत्र लिखकर यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालकर वापस लाने की मांग की है। हमसे कहा गया है कि सभी छात्रों को सरकार अपने खर्चे पर वापस लाएगी।”

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