यूपी में लगातार हो रहा है पत्रकारों का उत्पीड़न

आसमोहम्मद कैफ। Two circles.net

शामली।


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बुधवार को शामली में हुई पत्रकार अमित की पिटाई को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी है.

प्रेस की आज़ादी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.,उत्तर प्रदेश में हाल ही मे पत्रकारों के उत्पीड़न कई घटनाएं सामने आई है।इसमें मुख्यमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में अब तक प्रशांत कन्नौजिया समेत दस लोगो की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इससे पहले कुछ पत्रकारों गिरफ्तारियों से पहले ही सरकार से पत्रकारों को नाराज़गी है.अमित शर्मा की तहरीर पर एसओ राकेश कुमार,सिपाही संजय कुमार, रिंकू और सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है.

मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की पांच सदस्यीय टीम शनिवार को पीड़ित पत्रकार की पीड़ा सुनने आ रही है इसकी जानकारी स्थानीय पत्रकारों को दे दी गई है.शामली में पत्रकारों पर हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है इससे पहले दो बड़े अखबारों के दफ्तरों पर भी हमला हो चुका है।स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि वो दोनों हमले भी पुलिस शह पर किए गए थे।

एडवोकेट प्रताप राठौर के मुताबिक पिछले कुछ समय से पुलिस के व्यवहार में बदलाव आया है।असहमत पत्रकारों के विरुद्ध मुक़दमे दर्ज हुए है।अमित की पिटाई सिर्फ उसे बेईज्जत करने के लिए नही की गई बल्कि सभी पत्रकारों में भय पैदा करने के लिए की गई है।

एक पत्रकार की इस पिटाई के बाद क्षेत्र के समस्त पत्रकार एकजुट हो गए है।पहले प्रशासन आरोपियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज नही कर रहा था मगर बाद में पत्रकारों की एकजुटता देखकर उसे बैकफुट पर जाना पड़ा।


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