जबरन धर्मातरण के आरोप के साथ दिल्ली में चर्च पर हंगामा

जिब्रानउद्दीन।Twocircles.net

देश की राजधानी दिल्ली में एक शर्मनाक घटनाक्रम में चर्च पर हमला किया गया हैं। पिछले कुछ समय मे इस तरह की कई वारदात सामने आई है। आरोप है कि यह घटना हिन्दू संगठनों ने घटित की हैं। घटना दरअसल रविवार की है।


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इस दिन दिल्ली के द्वारका में स्थित एक चर्च में कथित तौर पर बजरंग दल द्वारा ज़बरदस्त तोड़फोड़ की गई है और साथ ही वहां प्रार्थना कर रहे लोगों पर भी हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इन सारे घटनाक्रम के बाद वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था।हमला करने आई लगभग 100 लोगों की भीड़ द्वारा चर्च के बाहर जमकर ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए गए और वहां तोड़फोड़ भी हुई।

घटनाक्रम द्वारका के मटियाला इलाके में नवनिर्माण चर्च का है। 23 नवंबर को ही चर्च का उदघाटन हुआ था।जहां पहली बार रविवार की प्रार्थना हो रही थी। इसी दौरान करीब 8:30 बजे से चर्च के बाहर कुछ लोगों की भीड़ जुटने लगी। एक स्थानीय नागरिक के अनुसार पहले तो भीड़ ने आपत्तिजनक नारे लगाए और उसके बाद वहां पहले से मौजूद लोगों ने उन्हें शांत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने तोड़ फोड़ शुरू कर दी।

Pic credit_ nikita sharma/twitter

स्थानीय दुकानदार के अनुसार, भीड़ ने अपने साथ लाए हुए हथौड़े की मदद से चर्च पर लगा साइनबोर्ड को तोड़ दिया। चर्च दरअसल, जालंधर स्थित एक संगठन, अंकुर नारुअल मिनिस्ट्रीज़ का हिस्सा है, जो कि अंकुर नरूला द्वारा संचालित किया जाता है। जिनकी सेवा में हज़ारों लोग शामिल हुआ करते हैं, रविवार को भी ऑनलाइन माध्यम से ऐसी ही सेवा में शामिल होने के लिए लोग चर्च में इक्ट्ठा हुए थें। चर्च के बाहर इक्ट्ठा भीड़ ने चर्च के खिलाफ “जबरन धर्मांतरण” के आरोप लगाए हैं।

चर्च के कार्यवाहकों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब उन्हें धमकाया गया हो। इससे पहले रविवार की रात ही करीब 12 बजे दो बाइक सवार ने चर्च में जबरन घुसने की कोशिश कर वहां मौजूद लोगों को धमकाया था। बाइक सवारों ने गालियां भी दी। जिसपर चर्च के लोगों ने उनसे चले जाने को कहा क्योंकि वो मामले को बढ़ाना नही चाहते थें। उसके बावजूद अगले दिन सुबह को इतना तमाशा हुआ।

घटना के बाद दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, एक इस भीड़ के खिलाफ जिन्होंने सार्वजनिक शांति को भंग करने के लिए चर्च में तोड़फोड़ की और दूसरी दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए चर्च में मौजूद लोगों के खिलाफ। दोनों प्राथमिकी बिंदापुर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है यह डीडीएमए के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है क्योंकि जिस जगह पर चर्च चल रहा था वो एक गोदाम था, और उससे बने चर्च को अभी तक धार्मिक स्थल के रूप में नामित नहीं किया गया है।

रविवार को शाम में एक बार फिर से चर्च पर हमला करने की कोशिश की गई। जब “शाम की प्रार्थना” के लिए फिर से चर्च में लोग जुड़ने लगे तो उसी समय एक बाइक पर सवार दो लोगों ने हंगामा करने की कोशिश शुरू कर दी।

इस मामले को लेकर सहायक उप-निरीक्षक प्रभारी ने बताया कि, “कुछ भी गंभीर मामला नहीं हुआ है। सुबह इन लोगों में कहासुनी हो गई। हर कोई कुछ न कुछ आरोप लगाता रहा है, इस मामले में हम क्या कर सकते हैं? हालांकि हमने सुरक्षा बढ़ा दी है। चर्च के लोग इस पूरी स्थिति को बड़ा मुद्दा बना रहे हैं।”

दूसरी ओर बजरंग दल के सदस्यों ने कहा है कि इलाके के निवासियों को चर्च के निर्माण को लेकर समस्या थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से भी की थी। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि चर्च में “जबरन धर्मांतरण” किया जा रहा था, हालांकि इसका कोई सबूत नहीं दिया गया है। बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने मीडिया को बताया कि वह उस इलाके में ही रहते हैं और पहले चर्च ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वे यहां से चले जाएंगे, लेकिन फिर रविवार के दिन उन्होंने अपना कार्यक्रम शुरू कर दिया।

वहीं पूरे मामले में चर्च एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया है कि हमले में उनका एक आदमी घायल हो गया था, जिसे बाद में प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके इलावा प्रार्थना करने आई एक महिला के साथ आक्रामकता भी दिखाई गई।

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