मशहूर उर्दू प्रेमी अभिनेता टॉम ऑल्टर नहीं रहे…

TwoCircles.net News Desk

नई दिल्ली : मशहूर अभिनेता, लेखक और पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित टॉम आल्टर का आज 67 साल की उम्र में निधन हो गया. वह बीते काफ़ी दिनों से स्किन कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे और ज़िन्दगी व मौत के बीच जंग लड़ रहे थे.


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बताया जा रहा है कि ऑल्टर कैंसर की चौथी स्टेज में थे. टॉम ऑल्टर ने सिर्फ़ टीवी और फिल्मों में ही नहीं, थिएटर में भी लंबे समय तक काम किया है.

उम्दा उर्दू बोलने वाले टॉम ऑल्टर का जन्म सन 1950 में मसूरी में हुआ था. वे भारत में तीसरी पीढ़ी के अमेरिकी थे. उन्होंने वूडस्टॉक स्कूल में पढ़ाई की और इसके बाद थोयेल यूनिवर्सिटी में पढ़े.

सन 1972 में उन्होंने पुणे के प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया. अस्सी और नब्बे के दशक में उन्होंने खेल पत्रकारिता भी की. वह टीवी पर सचिन तेंदुलकर का इंटरव्यू लेने वाले पहले व्यक्ति थे.

बताते चलें कि भारत के विभाजन के बाद उनका परिवार भी दो देशों में बंट कर रह गया था. उनके दादा-दादी पाकिस्तान में रह गएं, वहीं उनके माता-पिता भारत चले आए. इलाहाबाद, जबलपुर और सहारनपुर में रहने के बाद वे अंततः राजपुर, उत्तर प्रदेश में काफी वक़्त तक रहें. फिर 1954 में देहरादून और मसूरी (वर्तमान समय में उत्तराखंड) के बीच स्थित एक छोटा शहर में स्थाई रूप से रहने लगें.

ऑल्टर हिंदी, उर्दू और भारतीय संस्कृति के जानकार रहें. वह उर्दू पढ़ सकते थें, लिखतें थें, यहाँ तक की उर्दू शायरी के शौक़ीन भी रह चुके हैं. उनके पिता ने बाइबिल को उर्दू में अनुवाद किया था. ऑल्टर को हमेशा से ही उर्दू ज़ुबान से मोहबब्त रही, वही वजह है कि उन्होंने उर्दू में बहुत सी किताबें भी लिखी.

1996 में उन्होंने असमिया-भाषा की फ़िल्म अदया में दिखाई दिए और 2007 में जोहरा सेहगल और मनीष जोशी बिस्मिल के साथ विलियम डेलरिम्पल के सिटी ऑफ जिन्न्स के नाटकीय प्रजनन में भी अभिनय किया. साथ ही मौलाना आज़ाद के आधार पर उन्होंने एक एकल नाटक ‘मौलाना’ में भी अभिनय किया, जिसके लिए उन्हें काफ़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

उन्होंने आर्ट फिल्म ओशन ऑफ़ ए ओल्ड मैन में उनकी भूमिका के लिए प्रशंसा भी प्राप्त की है, जो दुनिया भर के फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की गई है. दिल्ली में ग़ालिब में उन्होंने मिर्ज़ा ग़ालिब की भूमिका निभाई थी.

67 साल के टॉम ने टीवी शोज़ के अलावा 300 के क़रीब फिल्मों में भी काम किया है. उन्हें ख़ासतौर पर मशहूर टीवी शो जुनून में उनके किरदार केशव कल्सी के लिए जाना जाता है. 1990 के दशक में यह टीवी शो लगातार पांच साल तक चला था.

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