कोरोना का सच दिखाने पर पत्रकारों की पिटाई

स्टाफ़ रिपोर्टर। Twocircles.net

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के मामलों की कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक नया मामला सिद्धार्थनगर के डुमरियागंंज से आया है जहां कोरोना पर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं दिखाने पर भारत समाचार के पत्रकार को एसडीएम और विधायक की मौजूदगी में उनके गुर्गों ने बेरहमी से पीटा है।‌ मारपीट के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


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मामला सिद्धार्थनगर के डुमरियागंंज का हैं। डुमरियागंज के बेवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड-50 बेड का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह द्वारा किया गया था। उद्घाटन के बाद मंत्री वहां से निकल गए लेकिन स्थानीय विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद वहीं मौजूद रहे। स्वास्थ्य केंद्र में कोविड के 50 बेड के उद्घाटन को कवर करने भारत समाचार के पत्रकार अमीन फारूकी पहुंचे थे। अमीन फारूकी ने स्वास्थ केन्द्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाया और साथ ही डुमरियागंज प्रशासन द्वारा किए गए दावे और वास्तविकता पर एक न्यूज़ क्लिप बनाई।

कोरोना के दौरान स्वास्थ केन्द्र की अव्यवस्थाओं पर बनाई गई न्यूज़ विधायक और एसडीएम को नागवार गुजरी। इसके बाद विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद की मौजूदगी में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही उनके गुर्गों पत्रकार अमीन फारूकी पर टूट पड़े। जमीन पर गिराकर पत्रकार को बेहरमी से पीटा गया। वहां एसडीएम के लोग पत्रकार को पीटते रहे और इसकी वीडियो भी बनाते रहे। साथ ही मौजूद पुलिसकर्मी भी महज़ तमाशाई बनें रहें।

सिर्फ यही नहीं घटना के कुछ देर बाद पत्रकार के कार्यालय पर पुलिस भी पहुंच गई और पत्रकार को बगैर एफआईआर दर्ज करे और बिना किसी के तहरीर दिए पुलिस उसे थाने ले आई और घंटों थाने में बैठाकर रखा। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। पत्रकार संगठनों ने डीएम से मिल डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद पर गुंडों से पत्रकार को पिटवाने की बात कही और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करी।

पत्रकार के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद सिद्धार्थनगर पुलिस हरकत में आई लेकिन पुलिस की तरफ़ से पत्रकार के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करी गई उल्टा पीड़ित पत्रकार अमीन फारुकी को थाने में बगैर तहरीर और एफआईआर के 8 घंटे बैठा कर रखा गया। सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच के आदेश डुमरियागंज सीओ को दिए गए हैं। इस मामले में सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि बेवा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर हुई मारपीट के सम्बंध में किसी भी पक्ष द्वारा कोई प्रार्थना-पत्र नही दिया गया है। सिद्धार्थनगर पुलिस के अनुसार तहरीर प्राप्त होने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

पत्रकार संगठन का कहना है कि इससे पहले भी कोरोना को लेकर न्यूज़ चलाए जाने से एसडीएम काफी नाराज थे। कई बार उन्होंंने धमकी देते हुए मीडियाकर्मी को न्यूज़ चलाए जाने से रोकने का दबाव बनाया था। इस घटना के बाद से तमाम पत्रकार संगठन नाराज़ हैं उन्होंने डीएम से एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद पर कार्रवाई की मांग करी हैं साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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