भारत के पहले ओलंपिक तैराक शमशेर खान आज किए गए सुपुर्दे-खाक

TwoCircles News Desk

नई दिल्ली : भारत के पहले ओलंपिक तैराक शमशेर खान का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 87 साल के शमशेर खान ने भारत के पहले ओलंपिक तैराक में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. बताया जाता है कि 6 दशकों में भारतीय तैराक उनका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए थें.


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शमशेर खान ने 1956 में मेलबर्न ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर 200 मीटर बटर-फ्लाई और ब्रेस्टस्ट्रोक में चौथे पायदान पर अपनी जीत दर्ज कराई थी.

बताते चलें कि शमशेर खान 1946 में सेना में शामिल होने के बाद तैराकी सीखी थी. यहां तक कि उन्होंने लगभग 24 साल तक भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर रहते हुए रिटायर हुए.

2010 में उन्हें पहला दिल का दौरा पड़ा था. टाईम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़ आर्थिक तंगी के कारण वो इलाज़ के पैसे भी नहीं जुटा पा रहे थे. अपनी खुद्दारी के लिए जाने जाने वाले शमशेर खान ने अपनी सफेदपोशी में भी किसी किस्म की लोगों की आर्थिक मदद लेने से इंकार कर दिया था.

उनके परिवार वालों के मुताबिक़ उन्होंने बहुत बार इस बात का शोक ज़ाहिर किया था कि सरकार ने उनके योगदान को नज़रअंदाज़ किया है.

उन्होंने बताया कि शमशेर सरकार द्वारा उन्हें कोई भी पहचान ना दिए जाने से परेशान थे, जबकि कृष्णा ज़िले के उनके साथ अलंपियंस साथी और पहलवान कमिनेनी ईश्वर राव को सरकार ने अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा था.

ज्ञात रहे कि आज आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में इस्लामपुर गांव में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है.

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