नागौर : दलितों के साथ क्रूरता की सारी हदें पार, प्राईवेट पार्ट में डाला पेट्रोल और पेचकस

मीना कोटवाल, Twocircles.net

जुर्म- चोरी का शक
सजा- बुरी तरह मारा गया, गुप्तांग में पेट्रोल और पेच कस डाला गया
पीड़ितों की संख्या- दो (विसाराम और पन्नालाल)
पीड़ितों की जाति- नाई यानि दलित जाति
उम्र- 24 और 19 साल
आरोपियों की संख्या- सात (हनुमान सिंह, भीम सिंह, रहमतुल्लाह, रघुवीर सिंह, आएदान सिंह, छतर सिंह, छेल सिंह)
आरोपियों की जाति- इनमें से कुछ राजपूत है, कुछ सुनार और एक मुस्लिम
स्थान- राजस्थान के नागौर ज़िले का एक छोटा-सा करणू गांव में मौजूद बाइक सर्विस करने की दुकान 
दिन और तारीख़- रविवार, 16 फरवरी, 2020

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दो दिन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक व्यक्ति दर्द और डर से चिल्ला रहा है। (वीडियो में इतना घिनौना दुर्व्यवहार किया गया है जिसके कारण टूसर्कल.नेट उसे नहीं दिखा सकता।) 

आस पास कई लोग हैं जो उस व्यक्ति को मार रहे हैं, कुछ वीडियो बना रहे हैं। एक के हाथ में पेट्रोल की बोतल है और दूसरे के हाथ में पेचकस। जिसके हाथ में पेचकस है वो अन्य लोगों को पीड़ित व्यक्ति की पेंट उतारने को कहता है और इसके साथ ही वो उस पेचकस पर एक कपड़ा लपेट रहा है। कपड़ा लपेटने के बाद वो उसे पेट्रोल में भिगोता है उस पीड़ित के प्राइवेट पार्ट में डाल देता है। पीड़ित दर्द से कराह रहा है, छोड़ने के लिए कहता लेकिन उसके इतना कहने पर लातों से वार होता है।

ये किसी फिल्म की कहानी जैसी लग सकती है या कहा जा सकता है कि 21वीं शताब्दी में जाति के आधार पर अब ऐसा तो कुछ नहीं होता। लेकिन ये घटना भी सच है और इसके पात्र भी सच्चे हैं।

ये घटना 16 फरवरी की दोपहर की है। पीड़ित व्यक्ति अपने चचेरे भाई के साथ अपने घर के पास वाले गांव करणू में मोटरसाईकिल की किश्त देने पहुंचे थे। पीड़ित व्यक्ति ने वहां से मोटरसाईकिल खरीदी थी, किश्त के साथ वो मोटरसाईकि की सर्विस भी करवाना चाहते थे। लेकिन उस समय दोपहर के खाने का समय हो रहा था। जहां पैसा रखा जाता है वो बॉक्स खुला हुआ था, जिसके कारण वहां मौजूद लोगों को दोनों भाईयों पर चोरी करने का शक हुआ। बातचीत इतनी बढ़ी कि वहां मौजूद लोग दोनों भाईयों को मारने लगे। 

पीड़ित के चाचा भूराराम बताते हैं कि हमें तो इतना कुछ पता ही नहीं था। 16 को वो लोग पिटकर तो आए थे लेकिन घर में ये नहीं पता लग पाया कि उनके साथ हुआ क्या है। उन्होंने किसी को कुछ बताया भी नहीं। 

वे कहते हैं, “हमें इस घटना का पूरा पता तब पता चला जब हमने भी सोशल मीडिया पर वीडियो देखा। वीडियो देखने के बाद ही हम थाने शिकायत लिखवाने पहुंचे। मारने के बाद पीड़ितों के घर पर फ़ोन किया गया। जब घर से परिवार वाले और गांव के लोग गए तो देखा उन दोनों को बंधक बनाया हुआ था। उन्हें चोरी के इल्ज़ाम में मारा गया जिसका कोई पुख्ता सबूत भी नहीं मिला। बल्कि 5100 रूपये की किश्त के पैसे भी उन लोगों ने रख लिए।”

भूराराम ने ये भी बताया कि इससे पहले उनके साथ कभी कोई विवाद नहीं था। लेकिन हां, वो सभी लोग इन्हें जानते थे क्योंकि बाइक वही से ली थी और पास के गांव के ही लोग थे। अगर उन्होंने चोरी भी की थी तो थोड़ी दूर पर ही पांचौड़ी थाना है, वहां उन्हें पकड़वाया जा सकता था। वहां सीसीटीवी हैं तो वो देखे जा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, गरीबी और जाति का उन्हें अच्छे से पता था इसलिए उन्हें मारने का विकल्प आसान लगा।

इस मामले पर पुलिस में शिकायत की जा चुकी है। पांचौड़ी थाने में इसकी एफआईआर करवाने पीड़ित और परिवार के लोग गए। हालांकि नागौर  के एसपी मुकुल शर्मा का कहना है कि चोरी तो अभी साबित नहीं हो पाई है। अगर हुई भी तो कितने की हुई ये भी कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन उन्हें इसी शक के आधार पर बुरी तरह पीटा गया।

वे कहते हैं, “ना बल्कि दोनों पीड़ितों को पीटा गया बल्कि अमानवीय कृत्य भी किया गया। इसके बाद परिवार वालों को बुलाकर उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। 16 फरवरी को मौखिक या लिखित में किसी भी तरह की शिकायत हमारे पास नहीं आई। 19 तारीख़ की सुबह नागौर पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो को देखा गया। तब मुझे और पांचौड़ी के एसएचओ को इसका पता लगाने के लिए कहा गया। हमने परिवार से बात की। हमने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें गिफ्तार कर लिया। इन पर आईपीसी की 323, 341, 324, 342, 384, 327, 308, 66A और अन्य रेलिवेंट धाराएं लगाई गई हैं। पांच दिन का रिमांड चाह रहे हैं और अब हमें कोर्ट में उन्हें पेश करना है। 

एसपी मुकुल शर्मा, नागौर

हालांकि एसपी शर्मा का कहना है कि सभी लोग अलग अलग जाति के है। ये सात लोग हैं, हनुमान सिंह, भीम सिंह, रहमतुल्लाह, रघुवीर सिंह, आएदान सिंह, छतर सिंह, छेल सिंह। इनके खिलाफ़ बुधवार दोपहर तीन बजे एफआईआर लिखवाई गई। शिकायत होते ही हमने दो को उसी रात ही गिरफ्तार कर लिया था बाकि को भी कल सुबह गिरफ्तार कर लिया। 

पीड़ितों का मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार पीड़ित खुद एफआईआर करवाने थाने पहुंचे थे। जघन्य मारपीट एक ही व्यक्ति के साथ हुआ है। पुलिस के अनुसार इनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। इनके खिलाफ पहली बार मामला दर्द हुआ है। इसके साथ ही एसपी शर्मा ने बताया कि जिस तरह की धाराएं दर्ज हुई है उसमें अधिकतम सज़ा दस साल है।

FIR की कॉपी

वहीं पीड़ित के चाचा भूराराम ने बताया कि वो और गांव के लोग नागौर में एसपी ऑफिस के बाहर जल्द से जल्द कार्रवाई के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने 308, 307 और 384 धाराएं नहीं जोड़ी थी वो भी जोड़ने के लिए कहा। भूराराम ने बताया कि सरकार की तरफ से दोनों पीड़ितों को पचास-पचास हजार का मुआवज़ा मिल गया है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव दिखाई दिए। वीडियो में किए गए अपराध और अपराधियों के खिलाफ़ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई। आरोपियों के खिलाफ़ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सजा की मांग की है। 

राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस राज में दलितों पर अत्याचार की इस घटना से सियासत गरमा गई है। कांग्रेस की फज़ीहत होती इससे पहले ही गुरुवार को राहुल गांधी ने ट्वीट करके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा, राहुल ने ट्वीट कर लिखा, ‘राजस्थान के नागौर से दो दलित युवकों को पीटने वाला जो वीडियो आया है वो डराने वाला है। मैं राज्य सरकार से अपील करता हूं कि वो तुरंत इस मामले में कड़ा एक्शन लें और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाए।’

बसपा अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस-शासित राजस्थान के नागौर में दलित भाईयों के उत्पीड़न का वायरल वीडियो विचलित करने वाला है व गुजरात के ऊना आदि के दर्दनाक घटनाओं की याद दिलाता है। स्पष्ट है दलितों पर उत्पीड़न-शोषण की क्रूरता हर जगह जारी है। अति-दुर्भाग्यपूर्ण। सरकार दिखावटी नहीं बल्कि प्रभावी कार्रवाई करे।’

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस घटना पर ट्वीट किया और जल्द से जल्द एक्शन का आश्वासन दिया. अशोक गहलोत ने कहा, ‘नागौर में जो भयावह घटना हुई है, उसमें तुरंत एक्शन ले लिया गया है और सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिन्होंने ये भयावह काम किया है उन्हें कठिन सजा दिलवाई जाएगी।’

विसाराम और पन्नालाल दोनों चचेरे भाई हैं। विसाराम शादीशुदा हैं और उनकी एक छोटी सी बेटी भी है। इनमें से विसाराम के साथ अधिक बर्बरता दिखाई गई है। वीडियो में विसाराम के साथ ही अधिक बर्बरता दिखाई गई है व उसी के गुप्तांग में पेट्रोल और पेचकस डाला गया है।

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