चित्रकूट : गेंगरेप के बाद दलित युवती ने कर ली थी आत्महत्या, अब तीनों दबंग आरोपी गिरफ्तार

विशेष संवाददाता। चित्रकूट। Twocircles.net

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ बलात्कार की बेहद शर्मनाक घटनाओं की श्रेणी हाथरस की तरह चित्रकूट में भी एक दिल दहलाने वाली वारदात हुई है। 13 अक्टूबर को यहां 15 साल की दलित युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। युवती के परिजनों का आरोप था कि ऐसा गेंगरेप की घटना के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा दुःखी किया गया था। इसके बाद स्थानीय कोतवाल को निलंबित कर दिया था। परिजन युवती का शव लेकर धरने पर बैठ गए थे और पुलिस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे। आज पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।


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इसके बाद दलित नाबालिग किशोरी के साथ हुए गैंगरेप के बाद किशोरी के आत्महत्या करने के मामले में आज किशोरी का भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार भी करा दिया गया है। मामले में लापरवाही बरतने पर शहर कोतवाली प्रभारी जयशंकर व मानिकपुर सरैया चौकी के इंचार्ज अनिल साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और कल देर शाम तीनो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। दलित नाबालिग किशोरी के पिता बिशन ने बताया  कि 8 अक्टूबर को उनकी बेटी  सोच क्रिया के लिए गई हुई थी तभी गांव के ही पूर्व प्रधान के बेटे किशन उपाध्याय व उसके दो साथियों ने मिलकर उसका अपहरण कर लिया था और मोटरसाइकिल से ले जाकर गांव के ही पास नर्सरी ने उसे बंधक बना उसके साथ गैंगरेप किया था इसके बाद उसके हाथ पैर बांधकर फेंक दिया था जिसके बाद जब उसकी मां ढूंढने पहुंची तो उसे देखकर उनके होश उड़ गए उन्होंने तुरंत सरैया चौकी को सूचना दी थी और उनकी मौजूदगी में ही किशोरी के हाथ पैर खोले गए। जिसके बाद किशोरी उन लोगों के दहशत के चलते उन लोगो के तुरंत नाम नहीं बताए थे जिस पर चौकी प्रभारी ने बाद में किशोरी से नाम पहुंचकर कार्यवाही कराने के लिए चौकी आने के लिए कहा था जिसके बाद किशोरी ने अपने साथ हुए गैंगरेप की वारदात से क्षुब्ध होकर 13 अक्टूबर को सुबह उसने फांसी से लटक कर आत्महत्या कर ली।

इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया पुलिस को सूचना मिलते ही गांव को छावनी में तब्दील कर दिया और किशोरी के शव को आनन-फानन में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के मौत का कारण हैंगिंग आया है परिजनों की तहरीर पर पूर्व प्रधान के बेटे किशन उपाध्याय और उसके दो साथियों के ऊपर पुलिस ने गैंगरेप अपहरण व हत्या के लिए उकसाने के मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया।

इसके बाद पुलिस प्रशासन ने डॉक्टरों का पैनल बना वीडियोग्राफी कराते हुए पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम देर से होने की वजह से किशोरी का कल अंतिम संस्कार नहीं कराया गया था और आज सुबह कई राजनैतिक दलों के मौके पर पहुंचने पर कई मांगों को लेकर कर्वी मानिकपुर रोड जाम कर दिया था जिसके बाद जिलाधिकारी शेषमणि पांडे व आईजी रेंज के. सतनारायण मौके पर पहुंचे और परिजनों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन देने के बाद पीड़ित किशोरी का अंतिम संस्कार करा दिया गया। मामले में तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, वही पीड़ित परिजनों में किशोरी के भाई का कहना है कि वह लोग एक ही मांग करते हैं कि आरोपियों की फांसी की सजा हो । अगर पुलिस ने पहले सही कार्यवाही की होता तो आज उनकी बेटी जिंदा होती।

चित्रकूट जिले में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की खुदकुशी के मामले में आईजी के. सत्यनारायण ने लापरवाही मानते हुए सदर कोतवाल जयशंकर सिंह और सरैया चौकी प्रभारी अनिल साहू को निलंबित कर दिया है।  गिरफ्तारी के पूर्व दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों ने राजमार्ग जाम कर जमकर बवाल काटा, परिजनों ने मुआवजा, एक नौकरी, सुरक्षा व आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। भारी सुरक्षा बल और परिजनों की मौजूदगी में किशोरी के शव का अंतिम संस्कार किया गया। गांव में तनाव है और भारी मात्रा में पुलिस तैनात की गई है।

बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबू मुनकाद अली ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ” उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी चरम पर है। कमज़ोर लोगों को कुचला जा रहा है। सरकार दलितों की बेटियों की रक्षा करने में विफ़ल हो गई है। यह गुंडाराज है। सरकार को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अधिक सचेत होना चाहिए” ।

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