गुरुग्राम : जहां होती नमाज़, वहां कराई गई गोवर्धन पूजा

आकिल हुसैन। Two circles.net

हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर 12 में जिस खुली जगह में जुमे की नमाज़ पढ़ी जाती थी, शुक्रवार को उसी जगह पर हिंदूवादी संगठनों द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। गोवर्धन पूजा में अपने भड़काऊ भाषणों के लिए प्रसिद्ध बीजेपी नेता कपिल मिश्रा भी शामिल हुए। दरअसल गुरुग्राम में खुले में नमाज के लिए इसी स्थान को लेकर कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। सेक्टर 12 के स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों द्वारा खुलें में नमाज़ अदा करने को लेकर विरोध किया गया था। हिंदूवादी संगठनों ने पहले घोषणा की थी कि वह सभी सार्वजनिक स्थानों पर नमाज का विरोध करने के लिए गोवर्धन पूजा करेंगे।


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गुरुग्राम में हिंदूवादी संगठनों द्वारा खुलें में नमाज़ अदा करने को लेकर विरोध जारी है। शुक्रवार 5 नवंबर को संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति द्वारा गुरुग्राम के सेक्टर 12 में उस स्थान पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया जहां पर शुक्रवार को मुस्लिम समाज द्वारा नमाज़ अदा की जाती थी। संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति द्वारा आयोजित गोवर्धन पूजा में बड़ी संख्या में विभिन्न हिंदूवादी संगठनों और हिन्दू समुदाय के लोगों ने भाग लिया।‌ आयोजन में पूजा के अलावा भंडारे का भी आयोजन किया गया।‌ पूजा में जय श्री राम के गगनचुंबी नारे भी लगाए गए। कार्यक्रम में पिछले सप्ताह खुले में नमाज का विरोध करने वालों को संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति ने पटका और माल्यार्पण कर अभिनंदन भी किया गया। समिति ने पहले घोषणा की थी कि वह सभी सार्वजनिक स्थानों पर नमाज का विरोध करने के लिए गोवर्धन पूजा करेगी।

संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति द्वारा आयोजित गोवर्धन पूजा में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा भी शामिल हुए। इस दौरान कपिल मिश्रा ने कहा कि गुरुग्राम की संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति ने देश को एक रास्ता दिखाया है। सार्वजनिक स्थान पर नमाज करने पर आपत्ति जताते हुए कपिल मिश्रा ने कहा, अगर विभिन्न धर्मों, पंथों और संप्रदायों के लोग हर हफ्ते एक दिन खुले सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा लेते हैं, तो इसके परिणामस्वरूप सभी सड़कें और पार्क अवरुद्ध हो जाएंगे। हमें सड़क पर चलने, अपने दफ्तर, अस्पताल, कार्यस्थल जाने और व्यवसाय चलाने की स्वतंत्रता चाहिए। अगर एक समुदाय के लोग हर हफ्ते इस स्वतंत्रता को छीन लें, तो इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है। विश्व में कहीं भी इसकी अनुमति नहीं है।

कपिल मिश्रा ने इस मामले को शाहीनबाग से जोड़ते हुए कहा कि ऐसा ही तमाशा पहले शाहीनबाग में किया गया था। कपिल मिश्रा ने कहा कि उन्होंने सड़कों को बाधित करके तमाशा किया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या उसके चलते सीएए रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारे देश का संविधान सभी को समान अधिकार देता है लेकिन सड़कें अवरुद्ध करना किसी की आस्था का हिस्सा नहीं हो सकता हैं।

कपिल मिश्रा ने आगे कहा कि लोगों को अपने धार्मिक स्थलों पर पूजा करनी चाहिए। इस देश में वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा जमीन है, वहां नमाज अदा करने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ गुड़गांव का नहीं है बल्कि इससे सभी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा करने से दूसरों को प्रेरणा मिलेगी कि हमें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी।

गोवर्धन पूजा में पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि गुरुग्राम के साथ अब पूरे देश में कहीं भी खुले में नमाज अदा नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ना एक जेहादी फसाद है, जिसके अंतर्गत आस्था व्यक्त करने का मकसद न होकर अपनी शक्ति प्रदर्शन करना और बाद में सार्वजनिक स्थानों पर अपना कब्जा स्थापित करना है।उन्होंने चेतावनी दी कि जिसको खुले में नमाज पढ़नी है वो पाकिस्तान चले जाएं। उन्होंने कहा कि यह गुरुग्राम का विजय पर्व है और पूरे देश का संकल्प दिवस हैं। अब पूरे देश में खुले में नमाज प्रतिबंध के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करेंगे, लेकिन उतना ही जितना कोई हमारे धर्म का करेगा।

उधर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नमाज पढ़ने से रोकने की घटना को मुसलमानों के प्रति सीधी नफरत बताया हैं। उन्होंने कहा हैं कि शुक्रवार की नमाज का विरोध इस बात का सटीक उदाहरण है कि ये ‘प्रदर्शनकारी’ कितने कट्टरपंथी हो गए हैं। यह मुसलमानों के प्रति सीधी नफरत है। उन्होंने कहा कि अपने धर्म का पालन करना या सप्ताह में एक बार 15-20 मिनट के लिए जुमे की नमाज अदा करना किसी को कैसे आहत कर रहा है।

ज्ञात हैं कि जिस स्थान पर नमाज अदा की जाती थी, वहा विभिन्न हिंदू संगठनों ने इसका विरोध जताया था। गुरुग्राम के सेक्टर 12 में 29 अक्टूबर को जुमे की नमाज़ में कथित रूप से बाधा डालने के लिए एकत्र हुए करीब 30 लोगों को पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया था। इसे लेकर तमाम लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में गुरुग्राम प्रशासन ने नमाज़ अदा करने के लिए अधिकृत 37 स्थानों में से 8 स्थानों की परमिशन भी रद्द कर दी हैं।

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