बिजनौर : दलित-मुस्लिम एकता में खटास

आस मोहम्मद कैफ़, TwoCircles.net

बिजनौर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले बिजनौर जिले में सांप्रदायिक तनाव है. एक युवक की हत्या के बाद बिजनौर जिले के पेदा और नयागांव में दो समुदायों को बीच तनाव है. फिलहाल भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है.

(साभार बीबीसी हिन्दी)

10 फरवरी की शाम को पेदा गांव के विशाल नामक युवक की हत्या कर दी गई. उसके पिता संजय कुमार पर भी जानलेवा हमला किया गया. पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने हमला करने वाले 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करवाई है, जबकि पुलिस ने अभी तक सिर्फ एक आरोपी को ही गिरफ्तार किया है.

इस घटना को पेदा गांव में सितंबर 2016 में एक समुदाय के तीन लोगों की हत्या से जोड़ देने की साजिश हो रही है. जिसके बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था. वहीं अब दूसरे पक्ष से एक व्यक्ति की हत्या की गई है. 15 फरवरी यानी आज बिजनौर में वोट डाले जाएंगे. वोटिंग से पहले हुई इस घटना को लोग चुनाव में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कराने की साजिश करार दे रहे हैं.

अभी तक विशाल की हत्या का खुलासा नहीं किया गया है, मगर पेदा काण्ड में जेल गए मौसम चौधरी की पत्नी सूचि को भाजपा ने बिजनौर शहर से अपनी प्रत्याशी बनाया है. गौरतलब है कि बिजनौर कोतवाली के गांव पेदा में 16 सितंबर को अल्पसंख्यकों को चारों ओर से घेरकर गोलीबारी की गयी थी. इस शर्मनाक घटना में अल्पसंख्यक समाज की स्कूल जाती हुई लड़की के साथ छेड़छाड़ के विरोध पर भाजपा नेता और बिजनौर से विधानसभा टिकट मांग रहे ऐश्वर्या चौधरी ने हथियारों के साथ पेदा गांव हमला कर दिया था, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी थी. लड़की पक्ष के पुलिस में शिकायत करने से नाराज़ होकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया था.

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल मृतकों को 20-20 लाख रुपयों की आर्थिक मदद देकर एडीजी दलजीत चौधरी को मौके पर भेजा था. अब पेदा गांव की हिंसा में गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके 23 आरोपियों में से 17 के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गयी है. विवेचक के अनुसार प्रकरण में 29 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जबकि तीन पुलिस की विवेचना में सामने आए थे. भाजपा नेता ऐश्वर्या चौधरी वीडियो में गोली चलाते दिख रहे थे. दो लोगों के खिलाफ रासुका भी लगाई गई थी.

16 सितंबर 2016 को पेदा में हुई हिंसा में गोलीबारी से तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि इसमें कई अन्य घायल हो गए थे. अलग-अलग सम्प्रदाय से जुड़ा होने के कारण इस कांड को लेकर शासन भी गंभीर था. एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह व गृहसचिव को विशेष तौर पर बिजनौर भेजा गया था. वादी फुरकान की ओर से 29 के खिलाफ बलवे, जानलेवा हमले व हत्या समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी. इनके अलावा प्रकाश में आए ऐश्वर्य चौधरी, मौसम एडवोकेट, प्रॉपर्टी डीलर अरुण कबाड़ी व कार्तिक के खिलाफ भी अभियोग दर्ज किया गया था.

विवेचक/प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली शहर शैलेन्द्र प्रताप गौतम के अनुसार पुलिस ने अब तक इनमें से 23 को जेल भेज दिया था, अब विशाल नाम के युवक की हत्या में पेदा काण्ड के पीड़ितों को घसीटा जा रहा है. बिजनौर में इसे लेकर तनाव है. ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि इस हालिया तनाव का असर बिजनौर में कल होने वाली वोटिंग पर पड़ सकता है.

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