सहारनपुर के बाद अब मेरठ के सरधना में दलितों व राजपूतों के बीच खूनी संघर्ष

TwoCircles.net Staff Reporter

सरधना (मेरठ) : सहारनपुर के बाद अब मेरठ का सरधना क्षेत्र दलितों व राजपूतों के खूनी संघर्ष का गवाह बना. बुधवार को यह संघर्ष एक ज़मीन पर क़ब्ज़े को लेकर हुआ है. अब तक मिले जानकारी के मुताबिक़ इस संघर्ष में दलित समाज के आधा दर्जन लोग घायल हैं.

बताया जा रहा है कि सरधना थाना क्षेत्र के दौलतपुर स्थित एक खेती की ज़मीन को लेकर दलितों और राजपूतों के बीच विवाद चल रहा था, जो वर्तमान समय में कोर्ट में विचाराधीन है. दोनों ही पक्ष उस ज़मीन पर अपना मालिकाना हक़ होने का दावा करते हैं. बुधवार की सुबह उसी ज़मीन पर राजपूत पक्ष का बिजेन्द्र खेत में पानी चलाने गया था. आरोप है कि इसी बीच दलित समाज के मोहर सिंह और उसके पुत्र पवन ने उसकी पिटाई कर डाली, जिसके बाद राजपूत और दलित समाज के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच जमकर धारदार हथियार, लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ.

आरोप है कि राजपूत पक्ष द्वारा फायरिंग भी की गई, जिसमें पवन के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. वहीं दलित पक्ष की पाली देवी, मोहरसिंह, प्रवीन, सचिन, बजरंग प्रितिश अमित और मोनू भी पथराव और धारदार हथियारों के हमले में घायल हुए. इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और दलित व राजपूत समाज के लोगों में तनाव व्याप्त हो गया है.

घटना की जानकारी मिलने के बाद मौक़े पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया. दलित समाज की ओर से मोहर सिंह ने राजपूत समाज के संजय पुत्र कंवरपाल सहित कई के खिलाफ़ थाने में तहरीर दी है. पुलिस ने आरोपियों की तलाश में गांव में दबिश दी, लेकिन सभी घर से फ़रार मिले. उधर, गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है. स्पष्ट रहे कि इसी सरधना से भाजपा के संगीत सोम विधायक हैं. 

बताते चलें कि कल शेरगढ़ी गांव में भी बवाल हो गया था. क्योंकि यहां पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रास्ते में पड़ने वाली अम्बेडकर की मूर्ति पर बिना माल्यार्पण किए निकल गए थे,  जिससे नाराज़ होकर दलितों ने उग्र विरोध-प्रदर्शन किया और कई जगह तोड़फोड़ की थी.

SUPPORT TWOCIRCLESHELP SUPPORT INDEPENDENT AND NON-PROFIT MEDIA. DONATE HERE